बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और जनहित से जुड़ी योजनाओं में देरी से आक्रोशित वार्ड पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इसका नेतृत्व विभिन्न वार्डों के पार्षदों और प्रतिनिधियों की ओर से सामूहिक रूप से किया जा रहा है। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन बोर्ड की बैठकों में पारित प्रस्तावों और जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। जिससे आम जनता को रोजमर्रा की बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वार्ड नंबर- 35 की पार्षद डॉक्टर शगुफ्ता ताजवर ने कहा कि पार्षदों की यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हक और मूलभूत सुविधाओं की बहाली के लिए है। 2 साल पहले जिन गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त मिली थी, उन्होंने उम्मीद में अपना पुराना आशियाना तोड़ दिया। आज वे दो सालों से किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। क्योंकि उन्हें अगली किस्त की राशि नहीं मिल सकी है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर सामान फेंके जाते हैं शहर में प्रतिदिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर छोटे दुकानदारों, ठेले वालों और मजदूरों का सामान फेंक दिए जाते हैं और उनके ठेले तोड़ दिए जाते हैं। जबकि बोर्ड की बैठक में वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव बहुत पहले ही पारित हो चुका है। यदि रजिस्टर्ड दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन का निर्माण कर दिया जाए तो नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, शहर खूबसूरत दिखेगा और गरीब मजदूरों का रोजगार भी सुरक्षित रहेगा। बेगूसराय की जनता सबसे बड़ी टैक्सपेयर है और यदि नगर निगम काम करने में सक्षम नहीं है तो प्रशासन यहां ताला मार दे और सभी पार्षदों का इस्तीफा स्वीकार कर ले। प्रदर्शन में शामिल वार्ड संख्या 41 के पार्षद प्रतिनिधि नवीन कुमार ने कहा कि उनके वार्ड समेत कई इलाकों में लंबे समय से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को बदलने के लिए बार-बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उन्होंने कहा कि जब तक निगम प्रशासन इन प्राथमिक समस्याओं का समाधान धरातल पर नहीं करता, तब तक पार्षदों का आंदोलन जारी रहेगा। नगर आयुक्त को पहले ही एक मांग पत्र सौंपा था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से शांतिपूर्ण धरना देने को बाध्य होंगे। धरने में ये रहे शामिल धरना में पार्षद राजीव रंजन, लालचंद कुमार, पूनम कुमारी, उमेश राय, वशिष्ठ शर्मा, सूरवीर कुमार, ममता देवी, नूतन देवी, शांति देवी, सीना देवी, सुरेश यादव, सुनीता पायल, पूजा कुमारी, प्रियंका देवी, रेखा देवी, सुमन देवी सहित अन्य पार्षद एवं उनके प्रतिनिधि शामिल हैं। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही धरातल पर बदलाव नहीं दिखा तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और जनहित से जुड़ी योजनाओं में देरी से आक्रोशित वार्ड पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इसका नेतृत्व विभिन्न वार्डों के पार्षदों और प्रतिनिधियों की ओर से सामूहिक रूप से किया जा रहा है। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन बोर्ड की बैठकों में पारित प्रस्तावों और जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। जिससे आम जनता को रोजमर्रा की बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वार्ड नंबर- 35 की पार्षद डॉक्टर शगुफ्ता ताजवर ने कहा कि पार्षदों की यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हक और मूलभूत सुविधाओं की बहाली के लिए है। 2 साल पहले जिन गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त मिली थी, उन्होंने उम्मीद में अपना पुराना आशियाना तोड़ दिया। आज वे दो सालों से किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। क्योंकि उन्हें अगली किस्त की राशि नहीं मिल सकी है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर सामान फेंके जाते हैं शहर में प्रतिदिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर छोटे दुकानदारों, ठेले वालों और मजदूरों का सामान फेंक दिए जाते हैं और उनके ठेले तोड़ दिए जाते हैं। जबकि बोर्ड की बैठक में वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव बहुत पहले ही पारित हो चुका है। यदि रजिस्टर्ड दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन का निर्माण कर दिया जाए तो नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, शहर खूबसूरत दिखेगा और गरीब मजदूरों का रोजगार भी सुरक्षित रहेगा। बेगूसराय की जनता सबसे बड़ी टैक्सपेयर है और यदि नगर निगम काम करने में सक्षम नहीं है तो प्रशासन यहां ताला मार दे और सभी पार्षदों का इस्तीफा स्वीकार कर ले। प्रदर्शन में शामिल वार्ड संख्या 41 के पार्षद प्रतिनिधि नवीन कुमार ने कहा कि उनके वार्ड समेत कई इलाकों में लंबे समय से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को बदलने के लिए बार-बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उन्होंने कहा कि जब तक निगम प्रशासन इन प्राथमिक समस्याओं का समाधान धरातल पर नहीं करता, तब तक पार्षदों का आंदोलन जारी रहेगा। नगर आयुक्त को पहले ही एक मांग पत्र सौंपा था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से शांतिपूर्ण धरना देने को बाध्य होंगे। धरने में ये रहे शामिल धरना में पार्षद राजीव रंजन, लालचंद कुमार, पूनम कुमारी, उमेश राय, वशिष्ठ शर्मा, सूरवीर कुमार, ममता देवी, नूतन देवी, शांति देवी, सीना देवी, सुरेश यादव, सुनीता पायल, पूजा कुमारी, प्रियंका देवी, रेखा देवी, सुमन देवी सहित अन्य पार्षद एवं उनके प्रतिनिधि शामिल हैं। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही धरातल पर बदलाव नहीं दिखा तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

