जबलपुर में नवविवाहिता की मौत…सास-ननद-पति पर हत्या का आरोप:मरने से पहले भाई को कोडवर्ड में बताए नाम; बच्चा न होने पर दिए जा रहे थे ताने

जबलपुर में नवविवाहिता की मौत…सास-ननद-पति पर हत्या का आरोप:मरने से पहले भाई को कोडवर्ड में बताए नाम; बच्चा न होने पर दिए जा रहे थे ताने

जबलपुर के निजी अस्पताल में 23 वर्षीय नवविवाहिता दीक्षा पांडे की इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। मायके वालों ने उसकी सास उमा मिश्रा, ननद सोनम और पति अक्षय उर्फ सतीष मिश्रा पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि शादी के डेढ़ साल बाद भी बच्चा नहीं होने पर दीक्षा को लगातार ताने दिए जा रहे थे। हालत गंभीर होने के बाद वह वेंटिलेटर पर थी और बोल नहीं पा रही थी। ऐसे में भाई के मुताबिक दीक्षा ने हाथ पर S, U और A लिखकर कथित तौर पर आरोपियों के नाम बताए। मां से फोन पर बात करते समय घर से ले जाने का आरोप दीक्षा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर की रहने वाली थी। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी छतरपुर निवासी अक्षय से हुई थी। अक्षय सीआरपीएफ में नागपुर में पदस्थ है। परिजनों के मुताबिक 24 सितंबर को वह दीक्षा के साथ छतरपुर आया था। 27 सितंबर को परिवार में श्राद्ध कार्यक्रम के लिए दोनों हटा थाना क्षेत्र के ग्राम पाटन स्थित चाचा ससुर के घर पहुंचे थे। दीक्षा के भाई भूपेंद्र का आरोप है कि 29 सितंबर की दोपहर दीक्षा अपनी मां से फोन पर बात कर रही थी। इसी दौरान ननद सोनम से उसका विवाद हुआ और वह उसे जबरन घर से बाहर ले जाने लगी। आरोप है कि फोन पर उसकी मां ने दीक्षा की आवाज सुनी। परिवार का दावा है कि इसी दौरान उसका मुंह दबाकर गला दबाया गया। वेंटिलेटर पर थी, भाई को हाथ से लिखकर बताया घटना के बाद दीक्षा को गंभीर हालत में जबलपुर के बड़ेरिया प्राइम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा। भूपेंद्र को इसकी जानकारी मिली तो वह झांसी से जबलपुर पहुंचा। दीक्षा बोलने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए उसने उससे लिखकर बात करने की कोशिश की। भूपेंद्र के मुताबिक दीक्षा ने अपनी हथेली पर पेन से S, U और A लिखा। परिवार ने S को सोनम, U को उमा और A को अक्षय से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि दीक्षा ने मरने से पहले इन्हीं लोगों की ओर इशारा किया था। गले पर निशान, मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई मायके वालों का दावा है कि दीक्षा के गले पर दबाने के निशान थे। उनका आरोप है कि बच्चा नहीं होने को लेकर सास और ननद उसे ताने देती थीं। परिवार के मुताबिक इसी प्रताड़ना के कारण दीक्षा कुछ समय पति के साथ नागपुर में रहने लगी थी, लेकिन वहां भी उसे फोन पर परेशान किया जाता था। दीक्षा को 30 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रविवार को तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार को झांसी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस बोली-घटनास्थल हटा थाना क्षेत्र का गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पांडे ने बताया कि घटनास्थल हटा थाना क्षेत्र का है। गोहलपुर पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम किया है। मर्ग डायरी जांच के लिए हटा थाने भेजी जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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