बेगूसराय शहर के रतनपुर स्थित ऐतिहासिक महंत सियाराम दास सरोवर में श्री राधा कुंज बिहारी मठ के तत्वावधान में आयोजित भव्य श्री राधा-कृष्ण नौका विहार महोत्सव हुआ। जिसने क्षेत्र को वृंदावन जैसा रूप दे दिया। महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षक भगवान श्री राधा-कृष्ण की दिव्य नौका विहार लीला और महाआरती रही। इस विशेष लीला के लिए एक भव्य और अलौकिक नौका तैयार की गई थी, जिसे बेहद कलात्मक ढंग से मोर (मयूर) का स्वरूप दिया गया था। जब मयूर रूपी इस दिव्य नौका पर भगवान श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को विराजमान कराकर सरोवर की बहती जलधारा में विहार कराया गया। इससे पूरा माहौल तालियों और जयकारों से गुंजायमान हो उठा। सरोवर के चारों ओर की गई आकर्षक एवं बहुरंगी आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था से जल में प्रतिबिंब बनता दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रहा था। सरोवर परिसर और भगवान के नौका विहार स्थल को सजाने के लिए विशेष रूप से ढाई टन (25 क्विंटल) वजन के 15 अलग-अलग किस्मों के सुगंधित फूल मंगाए गए थे। फूल कोलकाता, बैंगलोर और वृंदावन से विशेष रूप से लाया गया था। सरोवर के जल पर प्रकाश की तरंगे लहराने लगी शाम ढलते ही जब सरोवर के जल पर प्रकाश की तरंगे लहराने लगी और वातावरण में राधे-राधे और हरे कृष्णा के जयघोष गूंजने लगे। वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। सजावट को मूर्त रूप देने के लिए वृंदावन से आए प्रसिद्ध एवं कुशल कलाकारों की विशेष टीम पिछले तीन दिनों से दिन-रात जुटी हुई थी। इसके साथ ही कार्यकर्ता 1 सप्ताह से सरोवर की सफाई, जल प्रबंधन और प्राथमिक तैयारियों में लगे हुए थे। सरोवर के जल तट से लेकर मुख्य प्रवेश द्वारों तक फूलों की भव्य छटा बिखेरी गई थी। देर रात तक सरोवर परिसर रोशनी से जगमगाता रहा और ऐसा लग रहा था मानो स्वयं देवलोक की छटा इस धरती पर उतर आई हो।
दूसरा नौका विहार महोत्सव श्री राधा कुंज बिहारी मठ के रक्षक गिरधारी दास ने बताया कि मठ की ओर से आयोजित यह दूसरा नौका विहार महोत्सव है। पिछले वर्ष इसे छोटे पैमाने पर प्रायोगिक तौर पर आयोजित किया गया था, लेकिन बेगूसराय के श्रद्धालुओं के असीम उत्साह और अपार श्रद्धा को देखते हुए इस बार इसे अत्यंत भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मठ की ओर से आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा पूरे विश्व में पुरी के बाद दूसरे स्थान की भव्यता हासिल कर चुकी है, उसी प्रकार बेगूसराय का यह नौका विहार महोत्सव भी जन-सहभागिता और भक्ति के मामले में शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है। उद्देश्य है कि भगवान श्री राधा-कृष्ण की कृपा और ब्रज की परम पावन लीलाओं का प्रत्यक्ष आनंद बेगूसराय वासियों के जीवन में प्राप्त कर सके। वृंदावन की बेगूसराय में भी नौका विहार पूर्व मेयर संजय कुमार ने कहा कि हम सभी बेगूसराय वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि आज बेगूसराय वृंदावन हो गया। महंथ सियाराम दास सरोवर में श्री राधा कुंज बिहारी मठ ने अद्भुत आयोजन किया। जो श्रद्धालु आए इस कार्यक्रम में, उनके प्रति आभार प्रकट करते हैं। वृंदावन में जिस तरह भगवान नौका विहार करते हैं, बेगूसराय में भी उसी तरह नौका विहार किए। जब भगवान खुश होते हैं तो अपने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हैं। सैकड़ों कार्यकर्ता फूल को तोड़कर फिर उसका पंखुड़ी बनाने के लिए लगे हुए थे। राधा कुंज बिहारी मठ के तमाम जो हमारे वॉलंटियर्स हैं, वो भी लगातार एक सप्ताह से इस कार्य को कर रहे थे। तमाम लोगों के प्रयास से कार्यक्रम सफल हुआ।
हर भक्त को भगवान राधा-कृष्ण की असीम कृपा प्राप्त हो रही ईश्वर नाम दास ने कहा कि बेगूसराय केवल एक औद्योगिक नगर नहीं रहा, बल्कि यह पूर्णतः वृंदावन धाम में परिवर्तित हो गया है। सियाराम दास सरोवर स्वयं राधा कुंड जैसा पवित्र प्रतीत हो रहा है। यहां दर्शन और स्नान करने वाले हर भक्त को भगवान राधा-कृष्ण की असीम कृपा प्राप्त हो रही है। यह आयोजन भक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक सौहार्द का एक नया स्वर्णिम अध्याय बन गया। बेगूसराय शहर के रतनपुर स्थित ऐतिहासिक महंत सियाराम दास सरोवर में श्री राधा कुंज बिहारी मठ के तत्वावधान में आयोजित भव्य श्री राधा-कृष्ण नौका विहार महोत्सव हुआ। जिसने क्षेत्र को वृंदावन जैसा रूप दे दिया। महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षक भगवान श्री राधा-कृष्ण की दिव्य नौका विहार लीला और महाआरती रही। इस विशेष लीला के लिए एक भव्य और अलौकिक नौका तैयार की गई थी, जिसे बेहद कलात्मक ढंग से मोर (मयूर) का स्वरूप दिया गया था। जब मयूर रूपी इस दिव्य नौका पर भगवान श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को विराजमान कराकर सरोवर की बहती जलधारा में विहार कराया गया। इससे पूरा माहौल तालियों और जयकारों से गुंजायमान हो उठा। सरोवर के चारों ओर की गई आकर्षक एवं बहुरंगी आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था से जल में प्रतिबिंब बनता दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रहा था। सरोवर परिसर और भगवान के नौका विहार स्थल को सजाने के लिए विशेष रूप से ढाई टन (25 क्विंटल) वजन के 15 अलग-अलग किस्मों के सुगंधित फूल मंगाए गए थे। फूल कोलकाता, बैंगलोर और वृंदावन से विशेष रूप से लाया गया था। सरोवर के जल पर प्रकाश की तरंगे लहराने लगी शाम ढलते ही जब सरोवर के जल पर प्रकाश की तरंगे लहराने लगी और वातावरण में राधे-राधे और हरे कृष्णा के जयघोष गूंजने लगे। वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। सजावट को मूर्त रूप देने के लिए वृंदावन से आए प्रसिद्ध एवं कुशल कलाकारों की विशेष टीम पिछले तीन दिनों से दिन-रात जुटी हुई थी। इसके साथ ही कार्यकर्ता 1 सप्ताह से सरोवर की सफाई, जल प्रबंधन और प्राथमिक तैयारियों में लगे हुए थे। सरोवर के जल तट से लेकर मुख्य प्रवेश द्वारों तक फूलों की भव्य छटा बिखेरी गई थी। देर रात तक सरोवर परिसर रोशनी से जगमगाता रहा और ऐसा लग रहा था मानो स्वयं देवलोक की छटा इस धरती पर उतर आई हो।
दूसरा नौका विहार महोत्सव श्री राधा कुंज बिहारी मठ के रक्षक गिरधारी दास ने बताया कि मठ की ओर से आयोजित यह दूसरा नौका विहार महोत्सव है। पिछले वर्ष इसे छोटे पैमाने पर प्रायोगिक तौर पर आयोजित किया गया था, लेकिन बेगूसराय के श्रद्धालुओं के असीम उत्साह और अपार श्रद्धा को देखते हुए इस बार इसे अत्यंत भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मठ की ओर से आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा पूरे विश्व में पुरी के बाद दूसरे स्थान की भव्यता हासिल कर चुकी है, उसी प्रकार बेगूसराय का यह नौका विहार महोत्सव भी जन-सहभागिता और भक्ति के मामले में शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है। उद्देश्य है कि भगवान श्री राधा-कृष्ण की कृपा और ब्रज की परम पावन लीलाओं का प्रत्यक्ष आनंद बेगूसराय वासियों के जीवन में प्राप्त कर सके। वृंदावन की बेगूसराय में भी नौका विहार पूर्व मेयर संजय कुमार ने कहा कि हम सभी बेगूसराय वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि आज बेगूसराय वृंदावन हो गया। महंथ सियाराम दास सरोवर में श्री राधा कुंज बिहारी मठ ने अद्भुत आयोजन किया। जो श्रद्धालु आए इस कार्यक्रम में, उनके प्रति आभार प्रकट करते हैं। वृंदावन में जिस तरह भगवान नौका विहार करते हैं, बेगूसराय में भी उसी तरह नौका विहार किए। जब भगवान खुश होते हैं तो अपने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हैं। सैकड़ों कार्यकर्ता फूल को तोड़कर फिर उसका पंखुड़ी बनाने के लिए लगे हुए थे। राधा कुंज बिहारी मठ के तमाम जो हमारे वॉलंटियर्स हैं, वो भी लगातार एक सप्ताह से इस कार्य को कर रहे थे। तमाम लोगों के प्रयास से कार्यक्रम सफल हुआ।
हर भक्त को भगवान राधा-कृष्ण की असीम कृपा प्राप्त हो रही ईश्वर नाम दास ने कहा कि बेगूसराय केवल एक औद्योगिक नगर नहीं रहा, बल्कि यह पूर्णतः वृंदावन धाम में परिवर्तित हो गया है। सियाराम दास सरोवर स्वयं राधा कुंड जैसा पवित्र प्रतीत हो रहा है। यहां दर्शन और स्नान करने वाले हर भक्त को भगवान राधा-कृष्ण की असीम कृपा प्राप्त हो रही है। यह आयोजन भक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक सौहार्द का एक नया स्वर्णिम अध्याय बन गया।

