6 साल में टीम इंडिया नहीं सुधार पाई अपनी सबसे बड़ी कमजोरी! 2027 वर्ल्डकप से पहले सताने लगा डर

6 साल में टीम इंडिया नहीं सुधार पाई अपनी सबसे बड़ी कमजोरी! 2027 वर्ल्डकप से पहले सताने लगा डर

Team India Preparation World Cup 2027: आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के लिए टीम इंडिया की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अगले साल साउथ अफ्रीका के साथ नामीबिया और जिम्बाब्वे की मेजबानी में क्रिकेट के महाकुंभ का आयोजन होना है। भारतीय टीम 2011 के बाद वर्ल्ड कप जीतने का इंतजार कर रही है। 2015 और 2019 में टीम इंडिया सेमीफाइनल में हार गई थी और 2023 के फाइनल में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया ने शिकस्त दी थी। हालांकि, फाइनल में भारतीय टीम की गेंदबाजी एक्सपोज हो गई और बीच के ओवरों में विकेट न ले पाने की वजह से टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा।

बीच के ओवर्स में विकेट के लिए तरस रही टीम इंडिया

हालांकि, गेंदबाजी लाइन-अप इतनी बड़ी समस्या पहली बार देखने को नहीं मिली। 2020 में ही टीम इंडिया को न्यूजीलैंड ने आईना दिखा दिया था, जब वनडे सीरीज में भारत के खिलाफ 348 रन चेज कर लिया था। उसी सीरीज में टीम इंडिया 296 रन के लक्ष्य को भी डिफेंड नहीं कर पाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 2022 में भारतीय गेंदबाजों ने 374 रन खाए और उसी सीरीज में दूसरी बार 350 से ज्यादा का स्कोर ऑस्ट्रेलिया ने खड़ा किया। 2021 में भारतीय टीम के खिलाफ इंग्लैंड ने 336 रन का लक्ष्य चेज कर लिया।

ये सब तो वनडे सीरीज की कहानी है। टी20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में भारतीय टीम के खिलाफ इंग्लैंड ने 10 विकेट से जीत हासिल की थी। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अगर मोहम्मद शमी का करिश्माई स्पेल नहीं आता तो टीम इंडिया फाइनल से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो सकती थी। 2026 के टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल ने भी भारतीय टीम को आगाह किया, जब इंग्लैंड ने 20 ओवर में 254 के लक्ष्य का पीछा करते हुए 246 रन कूट डाले थे।

सीरीज जीते लेकिन मिल गई सबसे बड़ी कमजोरी

वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल में खत्म हुई वनडे सीरीज में भी वही गलती देखने को मिली। इसका मतलब ये है कि पिछले 6 साल से भारतीय टीम एक कमजोरी को दूर नहीं कर पा रही है। दूसरे वनडे में 400 से ज्यादा रन पिटने वाले भारतीय गेंदबाज तीसरे वनडे में 351 रन भी डिफेंड नहीं कर पाए। अगर साउथ अफ्रीका में भारतीय टीम को वर्ल्ड कप जीतना है तो इस कमजोरी को सबसे पहले दूर करना होगा।

उम्मीदों पर खरें नहीं उतरे युवा गेंदबाज

टीम इंडिया को ऐसे स्पिनर पर भरोसा करना होगा, जो बीच के ओवरों में विकेट दिला सके। साथ ही ऐसे तेज गेंदबाज की भी तलाश करनी होगी, जो जरूरत पड़ने पर विकेट चटका सके। चयनकर्ताओं ने भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर और मोहम्मद शमी जैसे गेंदबाजों को पूरी तरह साइडलाइन कर दिया है, लेकिन उनकी तरह के गेंदबाजों को अब तक नहीं तलाश पाई है। सेलेक्टर्स ने इस दौरान आकाश दीप, हर्षित राणा, मुकेश कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, आकिब नबी, यश ठाकुर और अंशुल कंबोज जैसे गेंदबाजों को जरूर आजमाया है, लेकिन अब तक इनमें से कोई उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *