दरभंगा के पतोर थाना क्षेत्र के दरगाहपुर गांव में शुक्रवार शाम बुआ के घर रह रही 17 साल की नाबालिग का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। मृतका की पहचान सीता कुमारी के रूप में की गई है। मृतका के पिता मुकेश कुमार यादव ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। जानकारी के अनुसार, नाबालिग 22 सितंबर को अपनी बुआ के घर दरगाहपुर गांव आई थी। गुरुवार को मब्बी थाना क्षेत्र के सिसो गांव के रहने वाला उसका जीजा राहुल कुमार बुआ के घर पहुंचा। उसने नाबालिग को मेला घुमाने ले जाने की बात कही। नाबालिग ने जीजा के मोबाइल से अपनी बुआ को फोन कर मेला जाने की जानकारी दी। बुआ ने पहले अपनी मां से पूछने और फिर उनके साथ मेला जाने की बात कही। बताया जाता है कि जीजा ने बुआ से कहा कि मैं इसे साथ ले जा रहा हूं और अगले दिन सुबह आठ बजे तक पहुंचा दूंगा। इसके बाद वो नाबालिग साली को अपने साथ ले गया। सुबह बुआ के घर पहुंची, शाम में मिला शव बताया गया कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे नाबालिग अपने जीजा के साथ बुआ के घर पहुंची। जीजा दिनभर वहीं रुका रहा और शाम में वहां से चला गया। इसके करीब एक घंटे बाद शाम 7 बजे नाबालिग ने दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। बुआ के अनुसार, इससे पहले जीजा ने दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उनके मोबाइल पर कई बार फोन किया था। उस समय बुआ घर से बाहर थीं, इसलिए उनसे बातचीत नहीं हो सकी। शाम में बुआ घर पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखने पर नाबालिग दिखाई नहीं दी। संदेह होने पर उन्होंने दीवार की ईंट हटाकर अंदर देखा तो वो फंदे से लटकी हुई थी। इसके बाद उन्होंने फोन कर जीजा को घटना की जानकारी दी। परिजनों के पहुंचने के बाद उतारा गया शव बताया जाता है कि जीजा ने बुआ से कहा कि किशोरी के माता-पिता को सूचना दें और उनके कहने के बाद ही वो वहां आएगा। नाबालिग के माता-पिता की सहमति के बाद जीजा चारपहिया वाहन से बुआ के घर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में किशोरी के शव को फंदे से नीचे उतारा गया। बुआ के अनुसार, शव को वाहन में रखने के बाद वह कुछ देर के लिए घर के अंदर गईं। इसी दौरान जीजा ने चारपहिया वाहन से शव को उतारकर घर के अंदर रख दिया और वहां से चला गया। गांव के मुखिया ने बुआ को भी वाहन में साथ चलने की सलाह दी थी, ताकि शव को कहीं दूसरी जगह ले जाने की आशंका न रहे। जीजा के वहां से चले जाने के बाद बुआ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पतोर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। नाबालिग के पिता ने जताई हत्या की आशंका डीएमसीएच पोस्टमार्टम परिसर में मृतका के पिता मुकेश कुमार यादव ने बताया कि उनकी पांच बेटियों में मृतका तीसरे नंबर पर थी। वह अपनी जुड़वां बहन से बड़ी थी। पिता ने कहा कि जब जीजा किशोरी को मेला घुमाने ले जाना चाह रहा था, तब इसकी जानकारी बुआ को उन्हें देनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे उन्हें अपनी बहन के माध्यम से बेटी की मौत की जानकारी मिली। घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे। पिता ने बताया कि उनकी छोटी बेटी यानी मृतका की जुड़वा बहन से जुड़े एक मामले में कुछ लोगों के खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज है। उन्होंने आशंका जताई कि उसी प्राथमिकी में नामजद लोगों ने उनकी बेटी की हत्या की हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि बेटी ने आत्महत्या की है या उसकी हत्या की गई है। थानाध्यक्ष बोले- प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला पतोर थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में विशेष खुलासा हो सकेगा। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत का इंतजार कर रही है। वहीं, मृतका के पिता की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटनास्थल की परिस्थितियों, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मौत के कारणों की जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी मामले में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। दरभंगा के पतोर थाना क्षेत्र के दरगाहपुर गांव में शुक्रवार शाम बुआ के घर रह रही 17 साल की नाबालिग का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। मृतका की पहचान सीता कुमारी के रूप में की गई है। मृतका के पिता मुकेश कुमार यादव ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। जानकारी के अनुसार, नाबालिग 22 सितंबर को अपनी बुआ के घर दरगाहपुर गांव आई थी। गुरुवार को मब्बी थाना क्षेत्र के सिसो गांव के रहने वाला उसका जीजा राहुल कुमार बुआ के घर पहुंचा। उसने नाबालिग को मेला घुमाने ले जाने की बात कही। नाबालिग ने जीजा के मोबाइल से अपनी बुआ को फोन कर मेला जाने की जानकारी दी। बुआ ने पहले अपनी मां से पूछने और फिर उनके साथ मेला जाने की बात कही। बताया जाता है कि जीजा ने बुआ से कहा कि मैं इसे साथ ले जा रहा हूं और अगले दिन सुबह आठ बजे तक पहुंचा दूंगा। इसके बाद वो नाबालिग साली को अपने साथ ले गया। सुबह बुआ के घर पहुंची, शाम में मिला शव बताया गया कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे नाबालिग अपने जीजा के साथ बुआ के घर पहुंची। जीजा दिनभर वहीं रुका रहा और शाम में वहां से चला गया। इसके करीब एक घंटे बाद शाम 7 बजे नाबालिग ने दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। बुआ के अनुसार, इससे पहले जीजा ने दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उनके मोबाइल पर कई बार फोन किया था। उस समय बुआ घर से बाहर थीं, इसलिए उनसे बातचीत नहीं हो सकी। शाम में बुआ घर पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखने पर नाबालिग दिखाई नहीं दी। संदेह होने पर उन्होंने दीवार की ईंट हटाकर अंदर देखा तो वो फंदे से लटकी हुई थी। इसके बाद उन्होंने फोन कर जीजा को घटना की जानकारी दी। परिजनों के पहुंचने के बाद उतारा गया शव बताया जाता है कि जीजा ने बुआ से कहा कि किशोरी के माता-पिता को सूचना दें और उनके कहने के बाद ही वो वहां आएगा। नाबालिग के माता-पिता की सहमति के बाद जीजा चारपहिया वाहन से बुआ के घर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में किशोरी के शव को फंदे से नीचे उतारा गया। बुआ के अनुसार, शव को वाहन में रखने के बाद वह कुछ देर के लिए घर के अंदर गईं। इसी दौरान जीजा ने चारपहिया वाहन से शव को उतारकर घर के अंदर रख दिया और वहां से चला गया। गांव के मुखिया ने बुआ को भी वाहन में साथ चलने की सलाह दी थी, ताकि शव को कहीं दूसरी जगह ले जाने की आशंका न रहे। जीजा के वहां से चले जाने के बाद बुआ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पतोर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। नाबालिग के पिता ने जताई हत्या की आशंका डीएमसीएच पोस्टमार्टम परिसर में मृतका के पिता मुकेश कुमार यादव ने बताया कि उनकी पांच बेटियों में मृतका तीसरे नंबर पर थी। वह अपनी जुड़वां बहन से बड़ी थी। पिता ने कहा कि जब जीजा किशोरी को मेला घुमाने ले जाना चाह रहा था, तब इसकी जानकारी बुआ को उन्हें देनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे उन्हें अपनी बहन के माध्यम से बेटी की मौत की जानकारी मिली। घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे। पिता ने बताया कि उनकी छोटी बेटी यानी मृतका की जुड़वा बहन से जुड़े एक मामले में कुछ लोगों के खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज है। उन्होंने आशंका जताई कि उसी प्राथमिकी में नामजद लोगों ने उनकी बेटी की हत्या की हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि बेटी ने आत्महत्या की है या उसकी हत्या की गई है। थानाध्यक्ष बोले- प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला पतोर थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में विशेष खुलासा हो सकेगा। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत का इंतजार कर रही है। वहीं, मृतका के पिता की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटनास्थल की परिस्थितियों, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मौत के कारणों की जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी मामले में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

