जयपुर के नारायण विहार थाना क्षेत्र में सरकारी अधिकारी पर लाठी-डंडों और सरियों से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सैकड़ों CCTV फुटेज, BTS डेटा और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की। वारदात में दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए 6 नकाबपोश बदमाश शामिल थे। पुलिस अन्य आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल वाहनों की तलाश कर रही है। घर के बाहर टहलते समय किया हमला डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 18 सितंबर को परिवादी डॉ. मदन यादव रात करीब 8 बजे घर के बाहर कॉलोनी में टहल रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए 6 नकाबपोश बदमाशों ने लाठी-डंडों और सरियों से उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले में नारायण विहार थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुरानी कहासुनी के चलते रची हमले की साजिश मामले की गंभीरता को देखते हुए नारायण विहार थाना पुलिस, साइबर सेल और जिला विशेष टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि परिवादी के पड़ोस में रहने वाले सुभाष मटोरिया से पहले विवाद और कहासुनी हो चुकी थी। तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर सुभाष के भतीजे रमण मटोरिया की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस के अनुसार रमण ने अपने साथियों के साथ मिलकर परिवादी की दिनचर्या और आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से घर से बाहर निकलने के दौरान उन पर हमला किया गया। सैकड़ों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर सीन रीक्रिएशन किया। घटनास्थल और संदिग्धों के संभावित आने-जाने के रास्तों के CCTV फुटेज, BTS डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। इनका घटनाक्रम और संदिग्धों की गतिविधियों से मिलान कर आरोपी की पहचान की गई। जांच के बाद पुलिस ने रमण मटोरिया (23) को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों और हथियारों की तलाश जारी पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिलों और हथियारों की बरामदगी के साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

