Rajasthan Panchayat Election: पंचायत चुनाव की तारीखों पर बड़ा अपडेट, इस सप्ताह के अंत तक हो सकती है घोषणा

Rajasthan Panchayat Election: पंचायत चुनाव की तारीखों पर बड़ा अपडेट, इस सप्ताह के अंत तक हो सकती है घोषणा

जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव की घोषणा का इंतजार इसी सप्ताह खत्म हो सकता है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव की घोषणा में अभी दो-तीन दिन और लग सकते हैं। इस सप्ताह के अंत तक चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है, लेकिन अभी तारीख को लेकर निर्णय नहीं हो पाया है। आयोग की ओर से हाईकोर्ट में पेश कार्यक्रम का शेड्यूल पहले ही गड़बड़ा चुका है, ऐसे में अब 15 नवंबर तक चुनाव पूरा करा पाना आयोग के लिए बड़ी चुनौती होगा।

आयोग की तैयारी के अनुसार राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग 4 चरण में होने की संभावना है। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से चर्चा कर पंचायत चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी थी। अब चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा, वहीं ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों और सरपंचों का चुनाव मतपत्रों के जरिए होगा।

पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था

प्रदेश में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद के कुल 1 लाख 40 हजार 237 वार्ड सदस्यों और 14 हजार 403 सरपंचों का चुनाव होना है। इनमें से जिला परिषद के 1403 वार्ड सदस्य 41 जिला प्रमुखों का चुनाव करेंगे, वहीं पंचायत समितियों के 8245 वार्ड सदस्य 457 प्रधानों का चुनाव करेंगे। पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है, जिसके चलते पंचायती राज संस्थाओं में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या 50% से अधिक है।

भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप

इधर, पंचायतीराज चुनावों की घोषणा से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया कि सरकार जिलों के अधिकारियों से संभावित पंचायतीराज चुनाव उम्मीदवारों की सूची तैयार करवा रही है। हालांकि, भाजपा ने जूली के आरोपों को भ्रम फैलाने वाला बताया है। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस झूठ के सहारे भ्रम फैलाने क असफल प्रयास कर रही है। भाजपा को संभावित उम्मीदवारों की सूची जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का सहारा लेने की कोई जरूरत नहीं है। पार्टी के पास अपना मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क है।

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