‘अभी अमेरिका और चीन से पीछे’, नितिन गडकरी बोले- भारत के ऑटो सेक्टर को दुनिया का नंबर-1 बनाना मेरा सपना

‘अभी अमेरिका और चीन से पीछे’, नितिन गडकरी बोले- भारत के ऑटो सेक्टर को दुनिया का नंबर-1 बनाना मेरा सपना

Indian Automotive Sector: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत के ऑटोमोटिव उद्योग में दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो बाजार बनने की क्षमता है। उन्होंने ऑटो सेक्टर को देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि उनका सपना भारत के ऑटोमोटिव उद्योग को दुनिया में नंबर-1 बनाना है।

गडकरी ने HT Auto Leaderboard Awards 2026 के उद्घाटन समारोह में कहा कि फिलहाल ऑटोमोटिव उद्योग के मामले में अमेरिका पहले स्थान पर, चीन दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यह उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आर्थिक विकास के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

ऑटो सेक्टर का अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, भारत का ऑटोमोटिव सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में 22.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की मजबूती से देश के आर्थिक विकास और औद्योगिक इकोसिस्टम को भी गति मिलती है। HT Auto Leaderboard Awards 2026 में भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में योगदान देने वाले वाहनों, लोगों और नई तकनीकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारत को वैश्विक ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

‘इथेनॉल इकोनॉमी सफल’

नितिन गडकरी ने भारत में इथेनॉल आधारित अर्थव्यवस्था की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की इथेनॉल इकोनॉमी सफल रही है। उन्होंने इसे ऊर्जा सुरक्षा, किसानों को लाभ पहुंचाने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। केंद्र सरकार के इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत E20 पेट्रोल, जिसमें 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल होता है, को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया।

2030 तक नई मोबिलिटी पर चर्चा

कार्यक्रम में ‘Make for the World: Is India ready to become the world’s auto powerhouse?’ और ‘Road to 2030: Ethanol, EVs & beyond – India’s new mobility energy mix’ विषयों पर पैनल चर्चा भी हुई। इन चर्चाओं में भारत को वैश्विक ऑटो मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाने, तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों, इथेनॉल और अन्य नई तकनीकों के जरिए देश के परिवहन क्षेत्र में बदलाव पर चर्चा की गई।

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