प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हरित ऊर्जा गलियारा चरण-3 (जीईसी-3) योजना को मंजूरी दिए जाने और गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी के फैसले की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि हरित ऊर्जा गलियारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली ग्रिड को मजबूत करने के साथ विनिर्माण, निर्माण और ऊर्जा भंडारण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘जीईसी-3 से 135 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी, 50 गीगावाट घंटा का बैटरी भंडारण और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में मजबूत बिजली ग्रिड सुनिश्चित होगा।
इससे विनिर्माण, निर्माण और ऊर्जा भंडारण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे तथा 2035 तक 900 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता हासिल करने के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा।’’
गेहूं का एमएसपी बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 2027-28 के विपणन सत्र के लिए रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से देश के लाखों किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होगा। सरकार ने बुधवार को 2027-28 के रबी विपणन वर्ष के लिए गेहूं का एमएसपी 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया।
इसके अलावा दलहन और तिलहन फसलों के समर्थन मूल्य में अधिकतम 675 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की गई। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में कृषि मंत्रालय के गेहूं और पांच अन्य रबी फसलों के एमएसपी संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जीईसी-3 योजना को भी मंजूरी दी है।
इसके तहत 1.86 लाख करोड़ रुपये के खर्च से बैटरी भंडारण के साथ एक पारेषण प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे 135 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी की जा सकेगी।

