झांसी में मां के सामने 10 साल के मासूम बेटे को बेकाबू ई-रिक्शा ने रौंद दिया। सिर में चोट लगने से वह गंभीर घायल हो गया। परिजन आनन फानन में उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्चा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। वो मां के साथ गाय को रोटी खिलाने आया था। मां दूर खड़ी हो गई और वह गाय को रोटी खिलाने चला गया। तभी तेज रफ्तार में आ रहे ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। बच्चे की मौत के बाद मां बेहोश हो गई। मामला चिरगांव कस्बे का है। तीसरी क्लास में पढ़ता था बच्चा जालौन के एट थाना क्षेत्र के परैछा गांव निवासी अंजीत राजपूत ने बताया- मेरी शादी लगभग 12 साल पहले प्रियंका से हुई थी। हमारा 10 साल का एक बेटा जयंत सिंह राजपूत था। उसे पढ़ाने के लिए हम लोग 4 महीने पहले चिरगांव आए थे। यहां राष्ट्रकवि स्कूल में बच्चे का तीसरी क्लास में एडमिशन करा दिया। हम लोग पूजा ट्रॉली के पास किराए के कमरे में रहते थे। मैं खेती किसानी के साथ दुकान पर काम करता हूं। मंगलवार को बेटा स्कूल से घर लौटा। शाम लगभग 5 बजे वह अपनी मां प्रियंका के साथ गाय को रोटी खिलाने गया था। तभी तेज गति में आ रहे एक ई-रिक्शा ने बेटे को जोरदार टक्कर मारी। इससे बेटा के सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान दम तोड़ा पिता ने आगे बताया- हम लोग बेटे को लेकर चिरगांव सीएचसी पहुंचे। जहां से डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने ई रिक्शा चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इकलौती संतान जयंत की मौत की खबर सुनकर मां प्रियंका बेहोश हो गई। पिता अंजीत भी सदमे में हैं। पिता ने कहा- मेरा सबकुछ छिन गया।

