अररिया में आंगनबाड़ी केंद्र से लंबे समय तक गायब रहने वाली सेविका पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। सहयोग पोर्टल पर मिली शिकायत के बाद जांच में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-2010 की सेविका गीता देवी के करीब छह महीने से केंद्र पर नहीं आने की बात सामने आई। इसके बाद जिला प्रोग्राम कार्यालय ने उन्हें सेविका पद से चयनमुक्त कर दिया। सहयोग पोर्टल पर मिली शिकायत, शुरू हुई जांच आवेदक विनोद कुमार ने सहयोग पोर्टल के माध्यम से सेविका के लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद फारबिसगंज की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) ने मामले की जांच की। जांच में केंद्र पर सेविका की लंबे समय से अनुपस्थिति की पुष्टि हुई। बार-बार निर्देश के बाद भी केंद्र नहीं पहुंचीं जांच के दौरान सामने आया कि गीता देवी को कई बार केंद्र पर लौटकर सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद वह केंद्र पर नहीं पहुंचीं। लंबे समय तक सेविका के अनुपस्थित रहने से केंद्र से जुड़े बच्चों और गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हुई। पति के इलाज का दिया हवाला सेविका की ओर से अपने पति के एम्स पटना में इलाजरत होने का हवाला दिया गया था। हालांकि, सीडीपीओ की जांच में पाया गया कि गीता देवी अगस्त 2026 से लगातार बिना सूचना के अनुपस्थित थीं। उनके अनुपस्थित रहने को लेकर विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। आवेदक से जमीन विवाद का भी मामला जांच के दौरान सेविका और शिकायतकर्ता विनोद कुमार के बीच जमीन विवाद की बात भी सामने आई। इस विवाद को लेकर थाना में केस दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वहीं, गीता देवी की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। हालांकि, सेविका के खिलाफ कार्रवाई का आधार विभागीय जांच में सामने आई लगातार अनुपस्थिति रही। 15 दिन से ज्यादा अनुपस्थिति पर कार्रवाई का प्रावधान विभागीय नियमों के अनुसार बिना सूचना के 15 दिन से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने पर आंगनबाड़ी सेविका को पद से हटाया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत जिला प्रोग्राम कार्यालय अररिया ने गीता देवी को सेविका पद से चयनमुक्त करने का आदेश जारी किया है। अब केंद्र पर नई सेविका की नियुक्ति का इंतजार कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-2010 पर नई सेविका की नियुक्ति कब होती है। केंद्र से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं मिलती हैं। ऐसे में लंबे समय तक सेवा बाधित नहीं हो, इसके लिए प्रशासन को जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। अररिया में आंगनबाड़ी केंद्र से लंबे समय तक गायब रहने वाली सेविका पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। सहयोग पोर्टल पर मिली शिकायत के बाद जांच में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-2010 की सेविका गीता देवी के करीब छह महीने से केंद्र पर नहीं आने की बात सामने आई। इसके बाद जिला प्रोग्राम कार्यालय ने उन्हें सेविका पद से चयनमुक्त कर दिया। सहयोग पोर्टल पर मिली शिकायत, शुरू हुई जांच आवेदक विनोद कुमार ने सहयोग पोर्टल के माध्यम से सेविका के लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद फारबिसगंज की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) ने मामले की जांच की। जांच में केंद्र पर सेविका की लंबे समय से अनुपस्थिति की पुष्टि हुई। बार-बार निर्देश के बाद भी केंद्र नहीं पहुंचीं जांच के दौरान सामने आया कि गीता देवी को कई बार केंद्र पर लौटकर सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद वह केंद्र पर नहीं पहुंचीं। लंबे समय तक सेविका के अनुपस्थित रहने से केंद्र से जुड़े बच्चों और गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हुई। पति के इलाज का दिया हवाला सेविका की ओर से अपने पति के एम्स पटना में इलाजरत होने का हवाला दिया गया था। हालांकि, सीडीपीओ की जांच में पाया गया कि गीता देवी अगस्त 2026 से लगातार बिना सूचना के अनुपस्थित थीं। उनके अनुपस्थित रहने को लेकर विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। आवेदक से जमीन विवाद का भी मामला जांच के दौरान सेविका और शिकायतकर्ता विनोद कुमार के बीच जमीन विवाद की बात भी सामने आई। इस विवाद को लेकर थाना में केस दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वहीं, गीता देवी की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। हालांकि, सेविका के खिलाफ कार्रवाई का आधार विभागीय जांच में सामने आई लगातार अनुपस्थिति रही। 15 दिन से ज्यादा अनुपस्थिति पर कार्रवाई का प्रावधान विभागीय नियमों के अनुसार बिना सूचना के 15 दिन से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने पर आंगनबाड़ी सेविका को पद से हटाया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत जिला प्रोग्राम कार्यालय अररिया ने गीता देवी को सेविका पद से चयनमुक्त करने का आदेश जारी किया है। अब केंद्र पर नई सेविका की नियुक्ति का इंतजार कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-2010 पर नई सेविका की नियुक्ति कब होती है। केंद्र से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं मिलती हैं। ऐसे में लंबे समय तक सेवा बाधित नहीं हो, इसके लिए प्रशासन को जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

