दो पक्षों में मारपीट हुई, नौ लोग घायल हुए हैं। इन घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को लेकर पूछताछ में जांच पड़ताल की। घटना के बाद गांव में पुलिस फोर्स भी तैनात कर दिया गया है। इलाके में फिर जातीय तनाव व्याप्त हो गया है। इस गांव में दो महीने पहले 19 साल के दलित युवक सनी पुत्र संतोष की ट्रैक्टर के नीचे दबकर संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। परिवार ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दूसरे ठाकुर पक्ष के आरोपी को जेल भेज दिया था। तब से गांव में दोनों पक्षों में रंजिश गहरी हो गई है। इसके बाद कल रात्रि में मृतक युवक सनी के परिजनों और आरोपी ठाकुर पक्ष में मारपीट हुई। मारपीट में दलित पक्ष के संतोष, उनकी पत्नी, शिवा, केशव, शीतल, राजकुमार घायल हुए। दलित पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बचाया नहीं, वीडियो बनाते रहे। दलित पक्ष के साथ मारपीट की जानकारी मिलने पर भीम आर्मी के पदाधिकारी भी पहुंच गए। सीओ सिटी हिमांशु माथुर ने भी इन लोगों से जिला अस्पताल में पहुंचकर बातचीत की। संतोष और उनकी पत्नी का कहना था कि उनके बेटे सनी की हत्या ठाकुर बिरादरी के कुछ लोगों की थी। अब इसी परिवार के लोगों ने उन पर हमला किया है। इधर, ठाकुर बिरादरी से अनिल, पवन और सपना घायल हुए हैं। सपना ने बताया कि उनके पति बनी सिंह पर झूठा हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। कल रात्रि में उनके बेटे को दूसरे पक्ष ने पीटा, बचाने गए परिवार के सदस्यों को मारा-पीटा। आरोपी वाल्मीकि समाज के हैं। पुलिस पूरे मामले में जांच पड़ताल कर रही है। वर्ष 2020 से सुर्खियों में है यह गांव इस घटना के बाद इलाके में फिर जातीय तनाव फैल गया है। यह गांव 2020 में दलित युवती की हत्या के बाद सुर्खियों में आया। एक परिवार की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ तैनात है। तब से गांव में अक्सर जातीय तनाव व्याप्त रहता है।

