झारखंड हाइकोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दायर याचिका पर आज विस्तृत सुनवाई होगी। इसके लिए दोपहर 2:15 बजे का समय निर्धारित किया है। हेमंत सोरेन ने बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप गठन टालने की उनकी मांग खारिज किए जाने को चुनौती देते हुए हाइकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने हाइकोर्ट से पीएमएलए एक्ट की धारा 44(1)(डी) के प्रावधानों के तहत मामले में ट्रायल कराने का अनुरोध किया है। मामला बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है, जिसमें हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन किया जाना है। आरोप गठन की प्रक्रिया को टालने का अनुरोध याचिका में पीएमएलए अधिनियम के सेक्शन-44 के क्लॉज एक के अंतर्गत सब-क्लॉज-डी की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गई है। प्रार्थी की ओर से अदालत के समक्ष इस प्रावधान के तहत मामले की सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। हेमंत सोरेन की ओर से दायर याचिका का मुख्य आधार आरोप गठन की प्रक्रिया से जुड़ा है। उनका कहना है कि जांच जारी रहने तक मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया को टाला जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने पहले इडी की विशेष अदालत का रुख किया था। हालांकि विशेष अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। विशेष अदालत में दायर याचिका में उन्होंने जांच पूरी होने तक आरोप गठन की प्रक्रिया स्थगित रखने की मांग की थी। विशेष अदालत के इस आदेश के खिलाफ ही हाइकोर्ट में वर्तमान याचिका दायर की गई है। विशेष अदालत में भी आज ही सुनवाई मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन किया जाना है। इडी की विशेष अदालत ने आरोप गठन टालने से संबंधित उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामले को हाइकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई है। वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष अदालत ने भी अगली सुनवाई के लिए आज ही तिथि निर्धारित की है। इस तरह हाइकोर्ट में याचिका और विशेष अदालत में लंबित मामले, दोनों की सुनवाई आज होनी है। 17 आरोपितों में 16 पर आरोप गठित यह मामला रांची के बड़गाई अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लांड्रिंग से संबंधित है। ईडी की जांच के बाद इसकी सुनवाई विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही है। मामले में 17 आरोपितों में से 16 के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके हैं। अब केवल हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना शेष है। शनिवार को बड़गाई अंचल जमीन फर्जीवाड़े के आरोपित राज कुमार पाहन के खिलाफ भी ईडी कोर्ट में आरोप गठित किया गया। इससे पहले पूर्व आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 15 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। ऐसे में आज की सुनवाई हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है। झारखंड हाइकोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दायर याचिका पर आज विस्तृत सुनवाई होगी। इसके लिए दोपहर 2:15 बजे का समय निर्धारित किया है। हेमंत सोरेन ने बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप गठन टालने की उनकी मांग खारिज किए जाने को चुनौती देते हुए हाइकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने हाइकोर्ट से पीएमएलए एक्ट की धारा 44(1)(डी) के प्रावधानों के तहत मामले में ट्रायल कराने का अनुरोध किया है। मामला बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है, जिसमें हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन किया जाना है। आरोप गठन की प्रक्रिया को टालने का अनुरोध याचिका में पीएमएलए अधिनियम के सेक्शन-44 के क्लॉज एक के अंतर्गत सब-क्लॉज-डी की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी गई है। प्रार्थी की ओर से अदालत के समक्ष इस प्रावधान के तहत मामले की सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। हेमंत सोरेन की ओर से दायर याचिका का मुख्य आधार आरोप गठन की प्रक्रिया से जुड़ा है। उनका कहना है कि जांच जारी रहने तक मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया को टाला जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने पहले इडी की विशेष अदालत का रुख किया था। हालांकि विशेष अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। विशेष अदालत में दायर याचिका में उन्होंने जांच पूरी होने तक आरोप गठन की प्रक्रिया स्थगित रखने की मांग की थी। विशेष अदालत के इस आदेश के खिलाफ ही हाइकोर्ट में वर्तमान याचिका दायर की गई है। विशेष अदालत में भी आज ही सुनवाई मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन किया जाना है। इडी की विशेष अदालत ने आरोप गठन टालने से संबंधित उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामले को हाइकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई है। वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष अदालत ने भी अगली सुनवाई के लिए आज ही तिथि निर्धारित की है। इस तरह हाइकोर्ट में याचिका और विशेष अदालत में लंबित मामले, दोनों की सुनवाई आज होनी है। 17 आरोपितों में 16 पर आरोप गठित यह मामला रांची के बड़गाई अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लांड्रिंग से संबंधित है। ईडी की जांच के बाद इसकी सुनवाई विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही है। मामले में 17 आरोपितों में से 16 के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके हैं। अब केवल हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना शेष है। शनिवार को बड़गाई अंचल जमीन फर्जीवाड़े के आरोपित राज कुमार पाहन के खिलाफ भी ईडी कोर्ट में आरोप गठित किया गया। इससे पहले पूर्व आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 15 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। ऐसे में आज की सुनवाई हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

