सीवान में बारिश के कारण 3 दिन से पावर कट:मैरवा रेलवे स्टेशन पर 50 मोबाइल चार्जिंग पर, 100 लोग इंतजार में थे खड़े

सीवान में बारिश के कारण 3 दिन से पावर कट:मैरवा रेलवे स्टेशन पर 50 मोबाइल चार्जिंग पर, 100 लोग इंतजार में थे खड़े

सीवान में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली सप्लाई ठप है। कई इलाकों में बिजली के पोल टूटने से घरों के इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। इस संकट में मोबाइल चार्जिंग सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।

मोबाइल आज पढ़ाई, ऑनलाइन काम और डिजिटल भुगतान का अहम जरिया है। बैटरी खत्म होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है और उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़

शनिवार रात मैरवा रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चार्ज करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। छात्र, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं चार्जर व एक्सटेंशन बोर्ड लेकर प्रतीक्षालय पहुंचे। वहां लोग एक-दूसरे के एक्सटेंशन बोर्ड जोड़कर मोबाइल चार्ज करते दिखे।

स्टेशन पर एक साथ 50 से ज्यादा मोबाइल चार्जिंग पर लगे थे, जबकि करीब 100 लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन दिन से बिजली न आने के कारण वे यहां आने को मजबूर हैं। कभी रेलवे स्टेशन यात्रियों के सफर का ठिकाना हुआ करता था, लेकिन बिजली संकट के बीच यही स्टेशन लोगों के लिए मोबाइल की ‘चार्जिंग लाइफलाइन’ बन गया। बारिश और बिजली संकट के बीच स्टेशन पर जुटी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि मोबाइल अब लोगों की जरूरत भर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सीवान में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली सप्लाई ठप है। कई इलाकों में बिजली के पोल टूटने से घरों के इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। इस संकट में मोबाइल चार्जिंग सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।

मोबाइल आज पढ़ाई, ऑनलाइन काम और डिजिटल भुगतान का अहम जरिया है। बैटरी खत्म होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है और उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़

शनिवार रात मैरवा रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चार्ज करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। छात्र, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं चार्जर व एक्सटेंशन बोर्ड लेकर प्रतीक्षालय पहुंचे। वहां लोग एक-दूसरे के एक्सटेंशन बोर्ड जोड़कर मोबाइल चार्ज करते दिखे।

स्टेशन पर एक साथ 50 से ज्यादा मोबाइल चार्जिंग पर लगे थे, जबकि करीब 100 लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन दिन से बिजली न आने के कारण वे यहां आने को मजबूर हैं। कभी रेलवे स्टेशन यात्रियों के सफर का ठिकाना हुआ करता था, लेकिन बिजली संकट के बीच यही स्टेशन लोगों के लिए मोबाइल की ‘चार्जिंग लाइफलाइन’ बन गया। बारिश और बिजली संकट के बीच स्टेशन पर जुटी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि मोबाइल अब लोगों की जरूरत भर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।  

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