हेडमास्टर के निलंबन पर बच्चों ने क्लास-MDM का किया बहिष्कार:प्रिंसिपल से लिपटकर रोए स्टूडेंट्स, कहा- सर नहीं तो स्कूल नहीं; बच्चों के बर्तन धोने पर कार्रवाई

हेडमास्टर के निलंबन पर बच्चों ने क्लास-MDM का किया बहिष्कार:प्रिंसिपल से लिपटकर रोए स्टूडेंट्स, कहा- सर नहीं तो स्कूल नहीं; बच्चों के बर्तन धोने पर कार्रवाई

पूर्णिया में शनिवार को डीईओ ने हेड मास्टर को निलंबित किया तो स्कूल के बच्चों ने अपनी क्लास का बहिष्कार कर दिया। मध्याह्न भोजन खाने से भी साफ मना कर दिया। बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलाकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्य सड़क को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने कहा कि सर नहीं तो स्कूल भी नहीं। जब सर लौटेंगे तो हम स्कूल आएंगे। दरअसल, 25 सितंबर को एक वीडिया सामने आया था। जिसमें स्कूल की दो छात्राएं बर्तन धोते दिख रही हैं। वीडियो के आधार पर डीईओ ने हेडमास्टर को निलंबित कर दिया। इसी के बाद से स्टूडेंट्स आक्रोशित हो गए और हेडमास्टर मनीष कुमार राय से लिपटकर रोने लगे। मामला कसबा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय सिमरिया का है। कुछ तस्वीरें… ‘सर हमेशा अच्छा व्यवहार करते हैं’ बच्चों का कहना था कि प्रधानाध्यापक उनके साथ हमेशा अच्छा व्यवहार रखते हैं और स्कूल की बेहतरी के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। प्रिंसिपल के निलंबन की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी स्कूल परिसर में जुटे। घोड़दौड़ पंचायत के मुखिया लक्ष्मण सिंह, सरपंच मधुरानंद विश्वास, पंचायत समिति सदस्य मनोज सिंह, मो. आजाद, वार्ड सदस्य मोईन, अजीत यादव और संजीत यादव सहित कई लोगों ने हेडमास्टर के पक्ष में आवाज उठाई।
‘हेडमास्टर के आने के बाद स्कूल में अच्छा रिजल्ट’ स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मनीष कुमार राय के योगदान संभालने के बाद से मध्य विद्यालय सिमरिया की व्यवस्था और अनुशासन में परिवर्तन आया है। प्रधानाध्यापक के मार्गदर्शन और मेहनत का ही नतीजा है कि इस साल विद्यालय के 23 बच्चों का चयन राष्ट्रीय सह साधन मेधा छात्रवृत्ति योजना के लिए हुआ है। निलंबन रद्द नहीं हुआ तो डीएम को आवेदन सौंपा जाएगा अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से प्रधानाध्यापक का निलंबन जल्द रद्द नहीं किया जाता, तो सोमवार से कोई भी बच्चा विद्यालय नहीं आएगा और न ही किसी अन्य शिक्षक को विद्यालय परिसर में प्रवेश करने दिया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने एक आम बैठक आयोजित की। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रधानाध्यापक के निलंबन को रद्द कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल जिला पदाधिकारी को औपचारिक आवेदन सौंपेगा।
बच्चों के बर्तन धोने का वीडियो हुआ था वायरल दरअसल, बच्चों का बर्तन वाला वीडियो सामने आने के बाद मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी । वायरल हुए वीडियो में कक्षा 2-3 के बच्चे मध्याह्न भोजन के प्लेट को धो रहे हैं। बच्चों के सामने मिड-डे-मिल के सैकड़ों जूठे प्लेट दिख रहे हैं। किसी ने स्कूल के चाहरदीवारी के बाहर से ये वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया।
प्रिसिपल ने कहा था, बच्चियां खेल रही थीं
प्रिंसिपल मनीष कुमार राय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि ये मामला बिल्कुल अलग है। जैसा वीडियो में दिख रहा है, उसमें सच्चाई नहीं है। जिस दिन का यह वीडियो है, उस दिन एक रसोइया की तबीयत खराब हो गई थी। बेहोश होने के कारण दूसरी रसोइया उसे घर पहुंचाने गई थी। तभी कक्षा 2 और 3 के बच्चियां खुद से खाने के बाद बर्तन के साथ खेलने लगी। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। पूर्णिया में शनिवार को डीईओ ने हेड मास्टर को निलंबित किया तो स्कूल के बच्चों ने अपनी क्लास का बहिष्कार कर दिया। मध्याह्न भोजन खाने से भी साफ मना कर दिया। बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलाकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्य सड़क को कुछ देर के लिए जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने कहा कि सर नहीं तो स्कूल भी नहीं। जब सर लौटेंगे तो हम स्कूल आएंगे। दरअसल, 25 सितंबर को एक वीडिया सामने आया था। जिसमें स्कूल की दो छात्राएं बर्तन धोते दिख रही हैं। वीडियो के आधार पर डीईओ ने हेडमास्टर को निलंबित कर दिया। इसी के बाद से स्टूडेंट्स आक्रोशित हो गए और हेडमास्टर मनीष कुमार राय से लिपटकर रोने लगे। मामला कसबा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय सिमरिया का है। कुछ तस्वीरें… ‘सर हमेशा अच्छा व्यवहार करते हैं’ बच्चों का कहना था कि प्रधानाध्यापक उनके साथ हमेशा अच्छा व्यवहार रखते हैं और स्कूल की बेहतरी के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। प्रिंसिपल के निलंबन की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी स्कूल परिसर में जुटे। घोड़दौड़ पंचायत के मुखिया लक्ष्मण सिंह, सरपंच मधुरानंद विश्वास, पंचायत समिति सदस्य मनोज सिंह, मो. आजाद, वार्ड सदस्य मोईन, अजीत यादव और संजीत यादव सहित कई लोगों ने हेडमास्टर के पक्ष में आवाज उठाई।
‘हेडमास्टर के आने के बाद स्कूल में अच्छा रिजल्ट’ स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मनीष कुमार राय के योगदान संभालने के बाद से मध्य विद्यालय सिमरिया की व्यवस्था और अनुशासन में परिवर्तन आया है। प्रधानाध्यापक के मार्गदर्शन और मेहनत का ही नतीजा है कि इस साल विद्यालय के 23 बच्चों का चयन राष्ट्रीय सह साधन मेधा छात्रवृत्ति योजना के लिए हुआ है। निलंबन रद्द नहीं हुआ तो डीएम को आवेदन सौंपा जाएगा अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से प्रधानाध्यापक का निलंबन जल्द रद्द नहीं किया जाता, तो सोमवार से कोई भी बच्चा विद्यालय नहीं आएगा और न ही किसी अन्य शिक्षक को विद्यालय परिसर में प्रवेश करने दिया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने एक आम बैठक आयोजित की। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रधानाध्यापक के निलंबन को रद्द कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल जिला पदाधिकारी को औपचारिक आवेदन सौंपेगा।
बच्चों के बर्तन धोने का वीडियो हुआ था वायरल दरअसल, बच्चों का बर्तन वाला वीडियो सामने आने के बाद मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी । वायरल हुए वीडियो में कक्षा 2-3 के बच्चे मध्याह्न भोजन के प्लेट को धो रहे हैं। बच्चों के सामने मिड-डे-मिल के सैकड़ों जूठे प्लेट दिख रहे हैं। किसी ने स्कूल के चाहरदीवारी के बाहर से ये वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया।
प्रिसिपल ने कहा था, बच्चियां खेल रही थीं
प्रिंसिपल मनीष कुमार राय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि ये मामला बिल्कुल अलग है। जैसा वीडियो में दिख रहा है, उसमें सच्चाई नहीं है। जिस दिन का यह वीडियो है, उस दिन एक रसोइया की तबीयत खराब हो गई थी। बेहोश होने के कारण दूसरी रसोइया उसे घर पहुंचाने गई थी। तभी कक्षा 2 और 3 के बच्चियां खुद से खाने के बाद बर्तन के साथ खेलने लगी। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया।  

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