चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश के महानिदेशक कार्यालय ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और प्रमुख अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन से ईपीएफ (EPF) व ईएसआई (ESI) की कटौती के साथ नियोक्ता एजेंसी का अंशदान जमा कराना सुनिश्चित किया जाए। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एजेंसी द्वारा पिछले माह का ईपीएफ/ईएसआई चालान प्रस्तुत किए बिना सर्विस बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों का शोषण रोकने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और नियम तोड़ने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से जिला अस्पताल व सीएचसी-पीएचसी में कार्यरत एलटी, एएनएम, स्टाफ नर्स, काउंसलर, वार्ड आया और सफाई कर्मियों में खुशी है। यूपी एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के गोरखपुर मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे एजेंसियों की मनमानी रुकेगी। संघ ने कुशीनगर में इसे सख्ती से लागू करने की मांग की है।

