लगातार हो रही बारिश के बीच मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को दुबग्गा मंडी का औचक निरीक्षण किया। मंडी परिसर के कुछ हिस्सों में जलभराव मिलने पर उन्होंने मौके पर ही जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई। उन्होंने नालियों की सफाई अपनी मौजूदगी में कराई, जिसके बाद पानी की निकासी सुचारू हुई। नालियों की सफाई में मिली कमी, सचिव को लगाई फटकार निरीक्षण के दौरान मंडी निदेशक ने परिसर में नालियों और जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। कुछ स्थानों पर नालियों की सफाई ठीक नहीं मिलने पर उन्होंने मंडी सचिव को फटकार लगाई। तत्काल सफाई कराने के साथ ही जल निकासी में आ रही रुकावट को दूर करने के निर्देश दिए। मंडी निदेशक ने कहा कि लगातार बारिश को देखते हुए परिसर में जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए। जहां पानी जमा होने की आशंका है, वहां पहले से ही जरूरी इंतजाम किए जाएं। नालियों में कूड़ा और सिल्ट जमा न होने देने के साथ बारिश के दौरान पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश उन्होंने मंडी सचिव को चेतावनी दी कि सफाई और जल निकासी व्यवस्था में दोबारा लापरवाही मिली तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। सफाई कार्य में लगे ठेकेदार के काम की भी नियमित निगरानी करने और लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। मंडी निदेशक ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान किसानों और व्यापारियों को मंडी में आने-जाने और कारोबार करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जल निकासी और सफाई व्यवस्था लगातार सक्रिय रखी जाए और अधिकारी नियमित रूप से मंडी परिसर का निरीक्षण करते रहें।

