Surwal Dam Sawai Madhopur: सवाईमाधोपुर में दशकों से क्षेत्र की खेती की प्यास बुझा रहे सूरवाल बांध और इससे जुड़े नहरी तंत्र की तस्वीर अब बदलने वाली है। जल संसाधन विभाग की ओर से 25.36 करोड़ रुपए की लागत से बांध और नहर प्रणाली के पुनरोद्धार का काम कराया जा रहा है। नहरों की पक्की लाइनिंग से पानी के रिसाव और छीजत को कम करने के साथ सिंचाई का पानी नहर के अंतिम छोर यानी टेल तक पहुंचाने पर जोर है। परियोजना पूरी होने के बाद सूरवाल सहित आसपास के 22 गांवों की करीब 4,847.71 हेक्टेयर कृषि भूमि को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। इससे करीब 8 हजार किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
छह दशक से ज्यादा पुराना बांध, अब नहरों की बदलेगी सूरत
सूरवाल गांव के समीप बने इस बांध की आधारशिला वर्ष 1954 में रखी गई थी। समय के साथ बांध से जुड़ा नहरी तंत्र पुराना होने से पानी के रिसाव और छीजत की समस्या सामने आती रही। अब विभाग ने पूरे नहरी तंत्र को मजबूत करने का काम हाथ में लिया है। बांध से निकलने वाली मुख्य नहर और पांच माइनरों में जरूरी सुधार के साथ पक्की लाइनिंग की जा रही है। इससे पानी का बहाव बेहतर होगा और खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में आसानी होगी। बांध की कुल लंबाई 4,200 मीटर है। 15 फीट भराव क्षमता पर इसमें 917.80 पामसीएफटी पानी का भराव होता है। मुख्य नहर और पांच माइनर निकलते हैं। इनमें से 35.701 किलोमीटर नहरी तंत्र का पुनरोद्धार किया जा रहा है।
दो-तिहाई से ज्यादा काम पूरा
सूरवाल सिंचाई परियोजना के लिए सरकार ने 25.36 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। विभाग के अनुसार परियोजना का दो-तिहाई से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसे जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बांध, मुख्य नहर और पांचों माइनरों के जीर्णोद्धार के साथ नहरों की पक्की लाइनिंग का काम भी किया जा रहा है। परियोजना में केवल नहरों की मरम्मत ही नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीणों की सुविधा के लिए कई संरचनाएं भी बनाई जाएंगी। इसके तहत 10 नई पुलिया, 10 कैटल रैम्प, 10 फुटब्रिज, 64 डिग्गियां, दो जल उपयोगिता रंगमंच भवन, तीन फॉल, छह टेल क्रेटर और 110 आउटलेट पाइप का निर्माण प्रस्तावित है। पुरानी संरचनाओं की मरम्मत भी की जाएगी।
इन गांवों के खेतों तक पहुंचेगा पानी
सिंचाई परियोजना से सूरवाल, महू, अजनोटी, नींनदड़ा, श्यामोता, मैनपुरा, कोशाली, भैंसखेड़ा, पड़ाना, गोगोर, जटवाड़ा कलां, खाट खुर्द, घनोली, गोतड़ा, दोबड़ा कलां, दुब्बी खुर्द, कांसीर, जड़ावता, खाट कलां, सेलू, चकेरी और दुब्बी बनास गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।
बांध छलका तो पानी की निकासी भी होगी आसान
सूरवाल बांध के सुदृढ़ीकरण के साथ अब डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में ओवरफ्लो पानी की निकासी की समस्या का भी समाधान तलाशा जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2026-27 के तहत 61.08 लाख रुपए का कार्यादेश जारी किया गया है।
अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
सूरवाल बांध और नहरी तंत्र का यह काम केवल पुरानी संरचनाओं की मरम्मत तक सीमित नहीं है। नहरों में पानी की छीजत कम होने और टेल तक पानी पहुंचने से बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई का बेहतर लाभ मिल सकेगा। इससे कृषि गतिविधियों को गति मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इनका कहना है…
सूरवाल बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र का विस्तृत सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के आधार पर बारिश या बांध के ओवरफ्लो होने की स्थिति में पानी की सुरक्षित निकासी के लिए जरूरी कार्यों की डीपीआर तैयार की जाएगी। इसमें जल निकासी व्यवस्था, जरूरी संरचनाओं और अन्य तकनीकी कार्यों का विस्तृत खाका तैयार होगा।
-अरुण शर्मा, अधिशासी अभियंता, सवाईमाधोपुर

