एशियाई खेलों के इस वर्जन में खेल मुकाबलों के साथ आयोजन व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है। थाईलैंड के दल ने खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पिछले छह दिनों से उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों की शिकायतों में रहने के लिए कमरे नहीं मिलना, हवाई अड्डों पर लंबे समय तक इंतजार, परिवहन में देरी और भोजन से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों को रहने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे क्रूज जहाजों पर जगह मिलने में काफी समय लग रहा है। वहीं, कुछ दलों ने होटलों और दूसरे ठिकानों में कमरों की कमी की शिकायत की है। प्रशिक्षण केंद्रों और प्रतियोगिता स्थलों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध बसों की व्यवस्था भी कई खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई बार बसें देर से पहुंचीं, जबकि कुछ मौकों पर बसें आई ही नहीं।बता दें कि इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में 17 हजार से ज्यादा खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के पहले पूरे सप्ताह में ही अलग-अलग देशों के दलों की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। कुछ टीमों ने कमरों की कमी बताई है, जबकि कुछ ने आयोजकों की ओर से दिए गए रहने के स्थान की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।थाईलैंड की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के उप महासचिव चालितरत चंद्रुबेक्षा ने समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा कि यह समस्या शुरुआत से लेकर अब तक बनी हुई है। उनके मुताबिक क्रूज जहाजों और होटलों में उपलब्ध कमरों की संख्या थाईलैंड के खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरत के मुताबिक नहीं है।उन्होंने बताया कि एक दिन थाईलैंड को क्रूज जहाज पर 201 बिस्तरों की जरूरत थी, लेकिन आयोजकों की ओर से केवल 170 बिस्तर उपलब्ध कराए गए। ऐसे में जब खिलाड़ी पहुंचते थे तो कई बार उनका नाम रहने वालों की सूची में नहीं मिलता था। इसके बाद उन्हें किसी दूसरे स्थान पर भेजना पड़ता था। नए खिलाड़ियों के आने पर पहले से रह रहे खिलाड़ियों को अपना कमरा छोड़कर दूसरे होटल की तलाश करनी पड़ती थी।गौरतलब है कि कुछ खिलाड़ियों ने सामाजिक माध्यमों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। इनमें भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी शामिल हैं। नागोया बंदरगाह पर खड़े एक क्रूज जहाज में चार हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं, जबकि करीब दो हजार लोगों को लकड़ी से बने छोटे-छोटे कमरों में ठहराया गया है। आयोजक इन स्थानों को गांव नाम से संबोधित कर रहे हैं।चंद्रुबेक्षा ने कहा कि समस्याओं का हल निकालने के लिए थाईलैंड को खुद भी वैकल्पिक रहने की जगह तलाशनी पड़ी है। उनके मुताबिक दल ने अपने स्तर पर कमरे बुक किए और भोजन के लिए पहले से भुगतान भी किया।उन्होंने यह भी बताया कि थाईलैंड की चिकित्सा टीम को नागोया से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर ठहरना पड़ा है। खिलाड़ियों की देखभाल के लिए चिकित्सा दल को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए थाईलैंड ने टोक्यो से अतिरिक्त वाहन किराये पर लिए हैं।बता दें कि इतने बड़े खेल आयोजन में हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए एक साथ रहने और परिवहन की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, अलग-अलग दलों की ओर से लगातार सामने आ रही शिकायतों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
एशियाई खेलों के इस वर्जन में खेल मुकाबलों के साथ आयोजन व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है। थाईलैंड के दल ने खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पिछले छह दिनों से उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों की शिकायतों में रहने के लिए कमरे नहीं मिलना, हवाई अड्डों पर लंबे समय तक इंतजार, परिवहन में देरी और भोजन से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों को रहने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे क्रूज जहाजों पर जगह मिलने में काफी समय लग रहा है। वहीं, कुछ दलों ने होटलों और दूसरे ठिकानों में कमरों की कमी की शिकायत की है। प्रशिक्षण केंद्रों और प्रतियोगिता स्थलों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध बसों की व्यवस्था भी कई खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई बार बसें देर से पहुंचीं, जबकि कुछ मौकों पर बसें आई ही नहीं।
बता दें कि इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में 17 हजार से ज्यादा खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के पहले पूरे सप्ताह में ही अलग-अलग देशों के दलों की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। कुछ टीमों ने कमरों की कमी बताई है, जबकि कुछ ने आयोजकों की ओर से दिए गए रहने के स्थान की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
थाईलैंड की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के उप महासचिव चालितरत चंद्रुबेक्षा ने समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा कि यह समस्या शुरुआत से लेकर अब तक बनी हुई है। उनके मुताबिक क्रूज जहाजों और होटलों में उपलब्ध कमरों की संख्या थाईलैंड के खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरत के मुताबिक नहीं है।
उन्होंने बताया कि एक दिन थाईलैंड को क्रूज जहाज पर 201 बिस्तरों की जरूरत थी, लेकिन आयोजकों की ओर से केवल 170 बिस्तर उपलब्ध कराए गए। ऐसे में जब खिलाड़ी पहुंचते थे तो कई बार उनका नाम रहने वालों की सूची में नहीं मिलता था। इसके बाद उन्हें किसी दूसरे स्थान पर भेजना पड़ता था। नए खिलाड़ियों के आने पर पहले से रह रहे खिलाड़ियों को अपना कमरा छोड़कर दूसरे होटल की तलाश करनी पड़ती थी।
गौरतलब है कि कुछ खिलाड़ियों ने सामाजिक माध्यमों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। इनमें भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी शामिल हैं। नागोया बंदरगाह पर खड़े एक क्रूज जहाज में चार हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं, जबकि करीब दो हजार लोगों को लकड़ी से बने छोटे-छोटे कमरों में ठहराया गया है। आयोजक इन स्थानों को गांव नाम से संबोधित कर रहे हैं।
चंद्रुबेक्षा ने कहा कि समस्याओं का हल निकालने के लिए थाईलैंड को खुद भी वैकल्पिक रहने की जगह तलाशनी पड़ी है। उनके मुताबिक दल ने अपने स्तर पर कमरे बुक किए और भोजन के लिए पहले से भुगतान भी किया।
उन्होंने यह भी बताया कि थाईलैंड की चिकित्सा टीम को नागोया से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर ठहरना पड़ा है। खिलाड़ियों की देखभाल के लिए चिकित्सा दल को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए थाईलैंड ने टोक्यो से अतिरिक्त वाहन किराये पर लिए हैं।
बता दें कि इतने बड़े खेल आयोजन में हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए एक साथ रहने और परिवहन की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, अलग-अलग दलों की ओर से लगातार सामने आ रही शिकायतों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
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