भिनावी जिले के सिवानी से सोनीपत तक जाने वाली हाईटेंशन पावरग्रिड लाइन के टावर लगाने को लेकर गुरुवार को तोशाम-बवानीखेड़ा के बीच गौतम सोलर कंपनी के पास खेतों में विवाद खड़ा हो गया। एसडीएम महेश कुमार की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन और पावरग्रिड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने खेतों में टावर लगाने के लिए खुदाई शुरू करवाई तो वहां काम कर रहे किसानों ने विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि उन्हें न तो पहले कोई नोटिस दिया गया और न ही मुआवजे को लेकर कोई जानकारी दी गई। इसके बावजूद सीधे उनके खेतों में जेसीबी से गड्ढे खोदने शुरू कर दिए गए। किसानों और पुलिस के बीच तीखी बहस खेतों में अचानक मशीनें पहुंचने और खुदाई शुरू होने की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान भी मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते काफी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। किसानों ने प्रशासन और पुलिस के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी जमीन में किसी भी तरह का काम शुरू करने से पहले उन्हें पूरी जानकारी दी जानी चाहिए थी। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। करीब 14 गड्ढे खोदे जा चुके किसानों के विरोध के बावजूद मौके पर पहुंची 2 जेसीबी मशीनों से टावर लगाने के लिए खुदाई जारी रही। किसानों के अनुसार, खबर लिखे जाने तक करीब 14 गड्ढे खोदे जा चुके थे। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रहे। किसान बोले- मुआवजे की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए किसानों का कहना है कि यदि उनकी जमीन से हाईटेंशन लाइन निकाली जानी है और टावर लगाए जाने हैं तो पहले उन्हें इसकी विधिवत सूचना दी जाए और मुआवजे की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए। किसानों ने सवाल उठाया कि जब उन्हें नोटिस और मुआवजे के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई तो उनकी जमीन में सीधे खुदाई कैसे शुरू कर दी गई। मौके पर किसानों का विरोध जारी था और प्रशासन तथा किसानों के बीच गतिरोध बना हुआ था।

