नवादा सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर में गंदगी और अव्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी बीच बिहार के समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक और महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति अश्वमेध देवी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। उनके साथ गोविंदपुर और नवादा के विधायक समेत कई लोग मौजूद रहे। गंदगी देख सभापति ने जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था और गंदगी देखकर अश्वमेध देवी ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला उपाधीक्षक से सवाल किया कि इतनी गंदगी के बीच किसी महिला का ऑपरेशन कैसे किया जा सकता है? उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जिला उपाधीक्षक ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के लिए कई बार आवेदन भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। दिन में सफाई, रात होते ही व्यवस्था बदहाल अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पहले अस्पताल की सफाई का जिम्मा निजी एजेंसी के पास था, लेकिन अब यह जिम्मेदारी जीविका की दीदियों को दी गई है। आरोप है कि दिन में सफाई होती है, लेकिन रात होते ही सफाई व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। इससे रात में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार दावे, फिर भी नहीं बदली तस्वीर सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने को लेकर इससे पहले भी कई मंत्री, विधायक और सांसद दावे कर चुके हैं। अधिकारियों की ओर से भी समय-समय पर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया जाता रहा है। इसके बावजूद अस्पताल की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं दिखने से सवाल उठ रहे हैं। निरीक्षण के बाद बदलाव की उम्मीद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्था वास्तव में सुधरेगी या यह निरीक्षण भी महज खानापूर्ति बनकर रह जाएगा। अस्पताल में सफाई, मरीजों की सुविधा और ऑपरेशन जैसी संवेदनशील सेवाओं को लेकर उठे सवालों पर अब कार्रवाई की जरूरत है। फटकार और आश्वासन के बाद जमीन पर कितना बदलाव आता है, इसकी निगरानी ही इस निरीक्षण की असली कसौटी होगी। नवादा सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर में गंदगी और अव्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी बीच बिहार के समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक और महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति अश्वमेध देवी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। उनके साथ गोविंदपुर और नवादा के विधायक समेत कई लोग मौजूद रहे। गंदगी देख सभापति ने जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था और गंदगी देखकर अश्वमेध देवी ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला उपाधीक्षक से सवाल किया कि इतनी गंदगी के बीच किसी महिला का ऑपरेशन कैसे किया जा सकता है? उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जिला उपाधीक्षक ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के लिए कई बार आवेदन भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। दिन में सफाई, रात होते ही व्यवस्था बदहाल अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पहले अस्पताल की सफाई का जिम्मा निजी एजेंसी के पास था, लेकिन अब यह जिम्मेदारी जीविका की दीदियों को दी गई है। आरोप है कि दिन में सफाई होती है, लेकिन रात होते ही सफाई व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। इससे रात में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार दावे, फिर भी नहीं बदली तस्वीर सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने को लेकर इससे पहले भी कई मंत्री, विधायक और सांसद दावे कर चुके हैं। अधिकारियों की ओर से भी समय-समय पर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया जाता रहा है। इसके बावजूद अस्पताल की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं दिखने से सवाल उठ रहे हैं। निरीक्षण के बाद बदलाव की उम्मीद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्था वास्तव में सुधरेगी या यह निरीक्षण भी महज खानापूर्ति बनकर रह जाएगा। अस्पताल में सफाई, मरीजों की सुविधा और ऑपरेशन जैसी संवेदनशील सेवाओं को लेकर उठे सवालों पर अब कार्रवाई की जरूरत है। फटकार और आश्वासन के बाद जमीन पर कितना बदलाव आता है, इसकी निगरानी ही इस निरीक्षण की असली कसौटी होगी।

