कर्मा-धर्मा पर्व पर 10 साल की बच्ची की डूबकर मौत:भागलपुर के पीरपैंती में मरगंग नदी में नहा रही थी, एक घंटे बाद मिला शव

कर्मा-धर्मा पर्व पर 10 साल की बच्ची की डूबकर मौत:भागलपुर के पीरपैंती में मरगंग नदी में नहा रही थी, एक घंटे बाद मिला शव

भागलपुर के पीरपैंती में कर्मा-धर्मा पर्व की खुशियां उस समय गम में बदल गईं, जब 10 साल की बच्ची पूजा कुमारी की मरगंग नदी में डूबने से मौत हो गई। पूजा पर्व के मौके पर नहाने गई थी। पीरपैंती प्रखंड के गोविंदपुर-मोहनपुर में स्थित मरगंग नदी में पूजा करीब 10 बच्चों के साथ नहा रही थी। नहाते समय वह अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई और गहरे पानी में डूब गई। पूजा को डूबता देख उसके साथ आए बच्चे घबरा गए और मदद के लिए गांव की ओर भागे। बच्चों की आवाज सुनकर ग्रामीणों को कुछ गलत होने की शंका हुई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। इसके बाद मरगंग के किनारे घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में पूजा की तलाश शुरू की। करीब 1 घंटे की काफी कोशिश के बाद बच्ची का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। तीसरी कक्षा में पढ़ती थी पूजा शव बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पर्व के दिन बेटी की मौत की खबर से परिवार सदमे में है। घटना की जानकारी स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि कुंदन यादव ने अंचल अधिकारी और पीरपैंती थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बीडीओ अभिमन्यु कुमार और थाना प्रभारी पंकज राउत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पूजा स्थानीय विद्यालय में तीसरी कक्षा की छात्रा थी। उसके पिता विकास मंडल मजदूरी करते हैं और अभी बेंगलुरु में हैं। पूजा के चार भाई-बहन हैं। भागलपुर के पीरपैंती में कर्मा-धर्मा पर्व की खुशियां उस समय गम में बदल गईं, जब 10 साल की बच्ची पूजा कुमारी की मरगंग नदी में डूबने से मौत हो गई। पूजा पर्व के मौके पर नहाने गई थी। पीरपैंती प्रखंड के गोविंदपुर-मोहनपुर में स्थित मरगंग नदी में पूजा करीब 10 बच्चों के साथ नहा रही थी। नहाते समय वह अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई और गहरे पानी में डूब गई। पूजा को डूबता देख उसके साथ आए बच्चे घबरा गए और मदद के लिए गांव की ओर भागे। बच्चों की आवाज सुनकर ग्रामीणों को कुछ गलत होने की शंका हुई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। इसके बाद मरगंग के किनारे घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में पूजा की तलाश शुरू की। करीब 1 घंटे की काफी कोशिश के बाद बच्ची का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। तीसरी कक्षा में पढ़ती थी पूजा शव बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पर्व के दिन बेटी की मौत की खबर से परिवार सदमे में है। घटना की जानकारी स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि कुंदन यादव ने अंचल अधिकारी और पीरपैंती थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बीडीओ अभिमन्यु कुमार और थाना प्रभारी पंकज राउत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पूजा स्थानीय विद्यालय में तीसरी कक्षा की छात्रा थी। उसके पिता विकास मंडल मजदूरी करते हैं और अभी बेंगलुरु में हैं। पूजा के चार भाई-बहन हैं।  

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