रोहतक जिले के महम के नागरिक अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 65 साल के एक बुजुर्ग को महिला की ईसीजी रिपोर्ट पर पीजीआई रेफर कर दिया गया। महम के सैमाण चुंगी निवासी जगत सिंह काला इलाज के लिए उपमंडल स्तरीय नागरिक अस्पताल गए थे, उन्होंने अपनी ईसीजी करवाई थी। जांच के बाद उन्हें 25 वर्षीय महिला की रिपोर्ट थमा दी गई। डॉक्टर ने रिपोर्ट में लिखा महिला का नाम और उम्र पर ध्यान नहीं दिया। रिपोर्ट का अंतिम निर्णय पढ़ते हुए डॉक्टर ने बुजुर्ग से कहा कि उनकी तबीयत ज्यादा नाजुक है और उन्हें तुरंत रोहतक पीजीआई जाना चाहिए। बुजुर्ग पहले से दिल के मरीज बुजुर्ग जगत सिंह काला पहले से ही दिल के मरीज हैं, इसलिए वे घबरा गए। उन्होंने अपने भतीजे को बुलाया और रोहतक पीजीआई चलने को कहा। भतीजे को बुजुर्ग की तबीयत ठीक लगी। उसने जब रिपोर्ट देखी, तो उस पर एक 25 साल की महिला का नाम लिखा था। गलत रिपोर्ट पर पीजीआई रेफर जगत सिंह काला ने बताया कि डॉक्टर ने महिला की गलत रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। इस कथित लापरवाही के बाद नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना ने अस्पताल में जांच रिपोर्ट बनाने, उनकी पहचान सुनिश्चित करने और मरीजों तक रिपोर्ट पहुंचाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने इस मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

