11वें आयुर्वेद दिवस के मौके पर बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान आयुर्वेद को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और इलाज के क्षेत्र में रिसर्च को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने कहा कि आयुर्वेद दिवस मनाने का मकसद सिर्फ एक दिन कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि लोगों को यह बताना है कि बेहतर और स्वस्थ जीवन में आयुर्वेद किस तरह मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस बार की थीम ‘आयुर्वेद फॉर बेटर हेल्थ टुमॉरो’ है। इसके तहत आयुर्वेद के इलाज और उत्पादों को रिसर्च और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आयुर्वेद में रिसर्च बढ़ाने की तैयारी रंजन कुमार ने कहा कि आयुर्वेद से जुड़े इलाज और उत्पादों को लेकर ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक रिसर्च की जरूरत है। इसके लिए रिसर्च संस्थानों और आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। प्रदेश के आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों के साथ एमओयू करने की भी तैयारी है, ताकि वहां होने वाले शोध को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि आयुर्वेद से जुड़े इलाज और उत्पादों को वैज्ञानिक कसौटी पर परखा जाए, ताकि लोगों को इसका ज्यादा फायदा मिल सके। जिलों में भी चल रहे जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख सचिव ने बताया कि आयुर्वेद दिवस के तहत लखनऊ के अलावा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य केंद्रों, सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ को भी जोड़ा गया है। अलग-अलग विषयों पर गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आयुर्वेद से जुड़ी जानकारी पहुंच सके।

