टीचर से बोला-तुम मेरी जान लो, मैं तुम्हारी जान लूंगा:लखीमपुर में गोली मारने से पहले तमंचा पकड़ाया; हत्या कर सुसाइड किया था

टीचर से बोला-तुम मेरी जान लो, मैं तुम्हारी जान लूंगा:लखीमपुर में गोली मारने से पहले तमंचा पकड़ाया; हत्या कर सुसाइड किया था

‘हम दुनिया में आए हैं, तो यह दुनिया छोड़नी भी पड़ेगी। मुझे माफ कर देना, अगर मैंने जाने-अनजाने में आपका दिल दुखाया हो…अल्लाह हाफिज।’ इंस्टाग्राम पर यह स्टोरी लखीमपुर में टीचर की हत्याकर सुसाइड करने वाले युवक ने वारदात से कुछ देर पहले लगाई थी। युवक ने इंस्टाग्राम के बायो में पहले ही स्पैनिश भाषा में लिख दिया था- यूजर मर गया…! युवक अपने बैग में 2 तमंचे लेकर स्कूल पहुंचा। एक तमंचा टीचर को देकर कहा कि तुम मेरी जान लो, मैं तुम्हारी जान लूंगा। लेकिन, टीचर ने गोली नहीं चलाई। इस पर युवक ने टीचर को गोली मारकर खुद जान दे दी। टीचर के घर वालों ने एकतरफा प्यार में हत्या का आरोप लगाया है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है। पहले पूरा मामला जानिए कलेक्ट्रेट के ठीक सामने चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल है। सोमवार (21 सितंबर) को निशात फातिमा (26) स्कूल की दूसरी मंजिल पर क्लास में बच्चों को पढ़ा रही थीं। सुबह 11.30 बजे हमलावर सऊद अंसारी (28) बैग में तमंचा रखकर जा पहुंचा। वह फातिमा का हाथ पकड़कर घसीटते हुए बाहर बरामदे में ले आया। फिर उनसे बहस करने लगा। इसी बीच सऊद ने तमंचा निकाला और फातिमा पर ताबड़तोड़ फायर कर दिए। वह फर्श पर गिर गईं। फायरिंग की आवाज सुनकर चीख-पुकार मच गई। स्कूल के बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। स्टाफ भागकर मौके पर पहुंचा। लेकिन, इसी बीच सऊद ने खुद को भी गोली मार ली। मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई। दोनों के घरों के बीच 1 किमी की दूरी मोहल्ला नौरंगाबाद में सऊद अंसारी का घर है। जबकि, निशात फातिमा का घर हिदायत नगर में है। दोनों के घरों के बीच की दूरी 1 किमी है। निशात फातिमा रोजाना ऑटो से शाहपुरा कोठी इलाके में बने चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में पढ़ाने जाती थीं। लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले तक सऊद भी कभी-कभार बाइक से उन्हें छोड़ने और लेने जाता था। टीचर के पिता मुंबई में काम करते हैं सऊद के पिता कय्यूम अंसारी जिला उद्योग कार्यालय में काम करते हैं। उसके बड़े भाई दाऊद अंसारी की सोफे-गद्दे की दुकान है। सऊद बीकॉम करने के बाद बीएड कर रहा था। वहीं, निशात फातिमा के पिता इलियास मुंबई में काम करते हैं। बड़ा भाई शादाब अख्तर PCS की तैयारी कर रहा है। छोटा भाई अनस भी पढ़ाई करता है। परिवार मूल रूप से सुल्तानपुर का रहने वाला है। 12 साल पहले सुल्तानपुर से आया था परिवार करीब 12 साल पहले इलियास परिवार को लेकर लखीमपुर आए थे। शुरुआत में सऊद के घर पर ही इलियास का परिवार किराए पर रहने लगा। यहीं से सऊद और निशात फातिमा की बातचीत शुरू हो गई। कुछ दिन बाद इलियास ने अपना घर बनवा लिया और परिवार वहां शिफ्ट हो गया। लेकिन, दोनों की बातचीत होती रही। सऊद सोशल मीडिया पर कर रहा था सैड पोस्ट हालांकि, पिछले कुछ महीने से सऊद और फातिमा के बीच बातचीत बंद थी। सऊद इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी पिछले कुछ महीनों से सैड और ईगो से रिलेटेड पोस्ट कर रहा था। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट के बायो में लिखा था- यूजर मर गया है। मरने से कुछ मिनट पहले भी सऊद ने अपनी इंस्टाग्राम पर स्टोरी पोस्ट की थी, जिसमें लिखा था… अस्सलामुअलैकुम आप सभी को! अगर मेरी अचानक मौत हो जाए, तो मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि कृपया अपने फोन और सोशल नेटवर्क से मेरी तस्वीरें हटा दें। मेरे मैसेज क्लियर कर दें और मेरे फेसबुक अकाउंट को रिपोर्ट कर दें। इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है। हम इस दुनिया में आए हैं, तो हमें यह दुनिया जरूर छोड़नी होगी। मेरी मौत के बाद कृपया मेरी तस्वीरें न देखें और न ही पोस्ट करें…। मेरे लिए दुआ पढ़ें, इंशाअल्लाह इससे मुझे मदद मिलेगी। मुझे माफ कर देना, अगर मैंने जाने-अनजाने में आपका दिल दुखाया हो। जब आप सुनें कि मैं अब नहीं रहा, तो R.I.P. न कहें और न ही पोस्ट करें। मैं मुस्लिम हूं, इसलिए आपको “इन्ना लिल्लाहि और इन्ना इलैहि राजिऊन” कहना चाहिए। मुझे हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की उम्मत होने पर गर्व है। अल्लाह हाफिज! टीचर पर शादी करने का दबाव बना रहा था नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि सऊद लगातार फातिमा पर बात करने और शादी का दबाव बना रहा था। सोमवार सुबह सऊद बैग लेकर चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल पहुंचा। बैग में उसने 2 तमंचे और 5 कारतूस रखे थे। स्कूल में इस समय बच्चों के पेपर चल रहे थे। करीब 11:30 पर जब पेपर छूटा, तो फातिमा बच्चों को गेट से बाहर निकाल रही थीं। बात करते हुए फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे इसी बीच सऊद पहुंचा और उनसे बात करने लगा। कुछ ही देर में दोनों के बीच बहस होने लगी। बहस करते हुए दोनों फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गए। यहां रूम नंबर- 11 के सामने कॉरिडोर में दोनों में तेज झगड़ा होने लगा। सऊद ने तमंचे निकाले और एक फातिमा के हाथ में थमा दिया। शोर सुनकर दूसरी क्लास की टीचर बचाने दौड़ीं। इस पर सऊद ने तमंचा दिखाकर धमकाया कि अगर कोई भी बीच में आएगा, तो वह भी मारा जाएगा। इसके बाद टीचर ने बच्चों के साथ खुद को भी क्लासरूम में बंद कर लिया। भागने की कोशिश की तो कर दी फायरिंग सऊद ने फातिमा से कहा कि तुम मेरी जान लो, मैं तुम्हारी जान लूंगा। फातिमा ने वहां से भागने की कोशिश की, तो सऊद ने उस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद अपनी कनपटी से सटाकर गोली चला दी। फायरिंग की आवाज सुनते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को जल्दी-जल्दी स्कूल के बाहर निकाला गया। टिफिन और बॉटल स्कूल में छोड़कर रोते हुए गए बच्चे पेपर खत्म होने का टाइम था, इस वजह से ज्यादातर बच्चों के पेरेंट्स गेट के बाहर ही खड़े थे। घटना से बच्चे इतना ज्यादा डर गए कि घर वालों के दिखते ही रोने लगे। स्कूल मैनेजमेंट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूरी बिल्डिंग को खाली करा लिया। बच्चे और उनके घरवाले इतनी ज्यादा दहशत में थे कि स्कूल में टिफिन और बॉटल तक छोड़कर चले गए। वहीं, स्कूल में पुलिस फोर्स तैनात की गई। किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। घटनास्थल पर पुलिस को 2 तमंचे और 4 खोखे के अलावा एक जिंदा कारतूस मिला है। SSP ख्याति गर्ग, ASP पवन गौतम और CO सिटी विवेक तिवारी भी मौके पर पहुंचे। भाई बोला- बहन पर शादी का दबाव बनाता था टीचर के भाई शादाब अख्तर ने सऊद अंसारी, उसके पिता कय्यूम अंसारी और उसकी मां के खिलाफ शिकायत दी है। शादाब ने बताया कि सऊद अक्सर बहन को परेशान करता था। वह शादी के लिए दबाव बनाता था। हम लोगों ने कई बार सऊद को समझाया। उसके माता-पिता से शिकायत करने के बावजूद उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं आया। शादाब ने सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कोतवाल राजेश सिंह ने बताया- टीचर निशात फातिमा के भाई ने शिकायत दी है। मृतक सऊद अंसारी उसके पिता कय्यूम अंसारी और मां पर शादी का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। केस दर्ज कर दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। —————– यह खबर भी पढ़ें… स्कूल में 26 साल की महिला टीचर की हत्या:लखीमपुर में युवक क्लास में घुसा, खींचकर बाहर लाया, 3 गोली मारीं; फिर सुसाइड किया लखीमपुर में एक स्कूल में घुसकर महिला टीचर की हत्या कर दी गई। आरोपी ने पहले टीचर को तमंचे से गोली मारी, फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। मामला कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल का है। वारदात के समय स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…

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