China Army: चीन की सेना में बड़ी हलचल देखने को मिली है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और सेना से दो सबसे बड़े जनरलों को निकाल दिया गया है। सरकारी एजेंसी शिन्हुआ ने सोमवार को यह जानकारी दी। जिन जनरलों को फौज से निकाला गया है, उनका नाम झांग यूशिया और लियू झेनली है।
दोनों पर पार्टी और कानून के खिलाफ गंभीर गलतियां बताई गई हैं। झांग यूशिया तो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे भरोसेमंद माने जाते थे। वे सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन थे। यानी सेना के सबसे ऊंचे कमांड में शी के ठीक बाद नंबर दो।
क्यों दोनों को हटाया गया?
लियू झेनली भी कमीशन के सदस्य और जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ थे। इतने बड़े अधिकारियों का बाहर होना चीन की सेना के लिए साधारण बात नहीं है।
सरकारी दस्तावेजों में साफ लिखा है कि दोनों ने राजनीतिक अनुशासन तोड़ा। उन्होंने गुटबाजी की, पार्टी से बेईमानी की और वफादारी नहीं दिखाई। आरोप है कि राजनीतिक और आर्थिक गड़बड़ियां एक साथ चल रही थीं।
भ्रष्टाचार का भी आरोप
दोनों जनरलों पर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार से पैसा कमाया और साथ में ड्यूटी भी नहीं निभाई। रकम बहुत बड़ी बताई गई है। मामले की गंभीरता और असर दोनों को बेहद खराब करार दिया गया है।
यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। जनवरी में इनकी जांच शुरू हुई थी। अगस्त के अंत में इन्हें राज्य स्तर के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से हटाया गया। सोमवार को पार्टी और सेना से पूरी तरह निकालने का ऐलान हुआ।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जिनपिंग सख्त
शी जिनपिंग 2012 से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफाई चला रहे हैं। सेना इसमें सबसे ज्यादा निशाने पर रही है। कई बड़े अधिकारी पहले भी निकाले जा चुके हैं। लेकिन इस बार फर्क यह है कि चांग यूशिया जैसे व्यक्ति पर कार्रवाई हुई है जो लंबे समय से शी के करीबी रहे और जिनके पास युद्ध का अनुभव भी है।
वे पार्टी के पोलित ब्यूरो के भी सदस्य थे। यह खबर ऐसे समय आई है जब शी जिनपिंग कुछ दिनों में अमेरिका जा रहे हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करने वाले हैं। अक्टूबर में पार्टी की बड़ी बैठक भी होने वाली है जिसमें अनुशासन और पार्टी नियमों पर फैसला होना है।


Here’s a glimpse into one of Beijing’s most secretive military aviation programs…