Jamui में छात्रा से अभद्रता मामले में SIT ने 3 आरोपी दबोचे, POCSO Act में केस दर्ज

Jamui में छात्रा से अभद्रता मामले में SIT ने 3 आरोपी दबोचे, POCSO Act में केस दर्ज

जमुई जिला अंतर्गत एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस अत्यंत संवेदनशील मामले को संज्ञान में लेते हुए जमुई पुलिस द्वारा त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है इस संबंध में जमुई थाना कांड सं०-428/26, दिनांक- 21.09.2026, धारा- 74 /76/3(5) बी०एन०एस० एवं 08/12 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक महोदय, जमुई विश्वजीत दयाल के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष S.I.T. टीम गठित कर छापेमारी की जा रही है।

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वायरल विडियो में आरोपियों की पहचान कर ली गई है। तीन आरोपी गिफ्तार किए गए हैं।  अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी जारी एवं अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है। अपलोड वीडियो को टेक डाउन की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बिहार राज्य महिला आयोग ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कथित घटना पर जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने संवाददाताओं से कहा कि कथित घटना 19 सितंबर की शाम की है और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ित लड़के और लड़की का पता लगा लिया गया है।

उन्होंने कहा कि कथित घटना दो दिन पुरानी है, लेकिन कल तक न तो पीड़ित लड़के और न ही लड़की ने पुलिस से कोई शिकायत की थी। आज जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब हमने दोनों पीड़ितों का पता लगाया। दयाल ने बताया कि जमुई थाने में दर्ज प्राथमिकी में पीड़ितों ने किसी आरोपी का नाम नहीं लिया है, लेकिन वीडियो फुटेज की मदद से करीब सात लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दयाल ने बताया कि पीड़ित लड़का और लड़की एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए कोई अन्य जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया कि कुछ सूचनाओं को व्यक्तिगत कारणों से गुप्त रखा जाना जरूरी है।

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इस बीच, कथित ‘मॉरल पुलिसिंग’ का यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश का कारण बना है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस घटना को “बेहद विचलित करने वाली” बताया। उन्होंने लिखा कि यह संस्कृति नहीं, पितृसत्तात्मकता है। राहुल ने आरोप लगाया कि ऐसी मानसिकता को “अंधभक्तों” ने सामान्य बना दिया है। उन्होंने वीडियो के आधार पर पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की। राहुल ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से सवाल किया कि सार्वजनिक सड़क पर भी एक लड़की सुरक्षित क्यों नहीं है? 

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