Microsoft ने Hyderabad में शुरू किया चौथा Cloud Region, AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी रफ्तार

Microsoft ने Hyderabad में शुरू किया चौथा Cloud Region, AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी रफ्तार

 प्रौद्योगिकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने देश के डिजिटल और कृत्रिम मेधा (एआई) बुनियादी ढांचे में अपनी 20.5 अरब अमेरिकी डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता के तहत सोमवार को हैदराबाद में अपना चौथा भारतीय क्लाउड क्षेत्र शुरू किया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इंडिया साउथ सेंट्रल क्षेत्र छह अगस्त से सामान्य रूप से उपलब्ध हो चुका है और यह पुणे, चेन्नई तथा मुंबई में स्थित कंपनी के मौजूदा क्लाउड क्षेत्रों में शामिल हो गया है। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने बताया कि हैदराबाद संयंत्र में शीतलन के लिए पानी का उपयोग प्रभावी रूप से शून्य है और यह पारंपरिक जल-आधारित प्रणालियों के बजाय एयर-कूल्ड चिलर्स पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय लगभग दो गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता है, जो 2035 तक बढ़कर छह से सात गीगावाट हो सकती है। इसके लिए 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश पहले ही तय हो चुका है। चंडोक ने कहा कि भारत न केवल अपने लिए बल्कि पूरे एशिया और ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एक प्रमुख एआई बुनियादी ढांचा केंद्र के रूप में उभरेगा। एक वीडियो संदेश में माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा कि यह नया क्षेत्र भारत और व्यापक रूप से एशिया के संगठनों को अधिक क्षमता, बेहतर मजबूती और व्यापक विकल्प प्रदान करेगा। 

 प्रौद्योगिकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने देश के डिजिटल और कृत्रिम मेधा (एआई) बुनियादी ढांचे में अपनी 20.5 अरब अमेरिकी डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता के तहत सोमवार को हैदराबाद में अपना चौथा भारतीय क्लाउड क्षेत्र शुरू किया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इंडिया साउथ सेंट्रल क्षेत्र छह अगस्त से सामान्य रूप से उपलब्ध हो चुका है और यह पुणे, चेन्नई तथा मुंबई में स्थित कंपनी के मौजूदा क्लाउड क्षेत्रों में शामिल हो गया है। 

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने बताया कि हैदराबाद संयंत्र में शीतलन के लिए पानी का उपयोग प्रभावी रूप से शून्य है और यह पारंपरिक जल-आधारित प्रणालियों के बजाय एयर-कूल्ड चिलर्स पर निर्भर है। 

उन्होंने कहा कि देश में इस समय लगभग दो गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता है, जो 2035 तक बढ़कर छह से सात गीगावाट हो सकती है। इसके लिए 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश पहले ही तय हो चुका है। चंडोक ने कहा कि भारत न केवल अपने लिए बल्कि पूरे एशिया और ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एक प्रमुख एआई बुनियादी ढांचा केंद्र के रूप में उभरेगा।

 एक वीडियो संदेश में माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा कि यह नया क्षेत्र भारत और व्यापक रूप से एशिया के संगठनों को अधिक क्षमता, बेहतर मजबूती और व्यापक विकल्प प्रदान करेगा।

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