इमरान खान की बहन अलीमा खान की गिरफ्तारी पर UN में शिकायत दर्ज, बढ़ा विवाद

इमरान खान की बहन अलीमा खान की गिरफ्तारी पर UN में शिकायत दर्ज, बढ़ा विवाद

Imran Khan Sister Aleema Khan UN Complaint: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान की हिरासत को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। 20 सितंबर को लाहौर में उनकी हिरासत के बाद मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। राइट्स लॉयर माइकल पोलाक ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के संबंधित स्पेशल प्रोसीजर के सामने अर्जेंट शिकायत दर्ज की है।

UN में पहुंचा अलीमा खान का मामला

माइकल पोलाक ने UN वर्किंग ग्रुप ऑन अर्बिटरी डेटिनेशन के साथ शिकायत की है। इसकी कॉपी अभिव्यक्ति, विश्वास और संगठन की आजादी से जुड़े यूएन स्पेशल Rapporteurs को भी भेजी गई है। पोलाक का आरोप है कि अलीमा को अपने भाई इमरान खान के समर्थन और राजनीतिक गतिविधियों की वजह से हिरासत में लिया गया। बता दें हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं।

पोलाक ने कहा कि उन्होंने दोस्तों और परिवार के आग्रह पर यह शिकायत दर्ज की। उनका दावा है कि अलीमा की हिरासत मनमानी और गैर-कानूनी है। उन्होंने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने की अपील भी की है।

30 दिन की हिरासत और बढ़ा राजनीतिक तनाव

लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के आदेश के अनुसार अलीमा खान को ‘पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑडर ऑर्डिनेंस 1960’ के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया गया। बाद में पुलिस ने उनके कोट लखपत जेल में होने की पुष्टि की। प्रशासन ने आदेश में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।

अलीमा की हिरासत ऐसे समय हुई है। जब ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ यानी PTI ने 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध और इस्लामाबाद मार्च का ऐलान किया है। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग कर रही है। इस वजह से उनकी हिरासत ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

परिवार के दूसरे सदस्यों पर भी कार्रवाई के आरोप

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद अब इमरान खान के परिवार के दूसरे सदस्यों तक भी पहुंच गया है। PTI ने दावा किया है कि इमरान की बहनों डॉ. उजमा खान और नोरीन नियाज़ी को भी 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया है। प्रशासन के आदेशों में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को आधार बताया गया है।

वहीं इमरान खान के बेटे कासिम खान ने भी सोशल मीडिया पर परिवार के अन्य सदस्यों को हिरासत में लिए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ रिश्तेदारों को उनके घरों से ले जाया गया और उनकी गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट नहीं किया गया।

PTI ने इन कार्रवाइयों की आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को हिरासत का आधार बता रहा है। अब सबकी नजर UN में दाखिल शिकायत और 27 सितंबर के प्रस्तावित PTI प्रदर्शन पर है। अलीमा खान की हिरासत का मामला पाकिस्तान की राजनीति के साथ-साथ मानवाधिकार बहस का भी अहम मुद्दा बन गया है।

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