US Iran war: अमेरिका को ईरान की खुली चेतावनी! ‘अगली लड़ाई में सामने आएगा वो हथियार, जिसकी कल्पना भी नहीं

US Iran war: अमेरिका को ईरान की खुली चेतावनी! ‘अगली लड़ाई में सामने आएगा वो हथियार, जिसकी कल्पना भी नहीं

Iran New Weapons : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव थमने के बजाय नए सैन्य दावों और रणनीतिक चेतावनियों के साथ आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने संकेत दिया है कि भविष्य में संघर्ष हुआ तो युद्ध का मैदान और इस्तेमाल होने वाली सैन्य तकनीक दोनों पहले से अलग हो सकती हैं। IRGC प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी के मुताबिक, ईरान ने ऐसे हथियार तैयार किए हैं जिनका इस्तेमाल अभी तक नहीं किया गया है।

US Iran war: ईरानी दावे और रणनीतिक आकलन

ईरानी IRGC प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने अल-आलम टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर कई अहम दावे किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका को युद्ध में अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल करने में सफलता नहीं मिली और वह अपनी कथित हार को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। हालांकि, ये दावे ईरानी पक्ष के हैं और स्वतंत्र रूप से इन सभी सैन्य आकलनों की पुष्टि नहीं हुई है।

Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और नौसैनिक चुनौतियां

मोहेब्बी ने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक ताकत होने के बावजूद युद्ध के दौरान वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा खोलने में सफल नहीं रहा। हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है और यहां किसी भी लंबे व्यवधान का असर तेल की आपूर्ति और वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर

मौजूदा हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 21 सितंबर को हॉर्मुज से गुजरने वाले कमोडिटी जहाजों की संख्या सामान्य स्तर की तुलना में बेहद कम रही। रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष से पहले जहां प्रतिदिन करीब 125 ऐसे जहाज गुजरते थे, वहीं हालिया सप्ताहांत में यह संख्या केवल 12 रही।

कूटनीति और लंबे संघर्ष की तैयारी

मोहेब्बी ने यह भी कहा कि संघर्ष को पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता और अलग-अलग चरणों में तनाव जारी है। उन्होंने दावा किया कि IRGC लंबे समय तक चलने वाली सैन्य स्थिति के लिए तैयार है। अमेरिका के साथ किसी प्रत्यक्ष संपर्क से भी उन्होंने इनकार किया और कहा कि कूटनीतिक मामलों की जिम्मेदारी ईरान के विदेश मंत्रालय की है।

ईरान की नई सैन्य क्षमताएं और दुनिया की चिंता

सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला बयान ईरान की नई सैन्य क्षमताओं को लेकर आया। मोहेब्बी के अनुसार, भविष्य में टकराव की स्थिति में युद्ध का भूगोल बदल सकता है और ईरान ऐसी नई क्षमताओं का इस्तेमाल कर सकता है, जिन्हें देखकर दुनिया चौंक सकती है। उन्होंने दावा किया कि कुछ रणनीतिक हथियार पहले ही विकसित किए जा चुके हैं, लेकिन अभी उनका इस्तेमाल नहीं किया गया है।

यह दावा ऐसे समय आया है जब हॉर्मुज में सैन्य गतिविधियां और समुद्री सुरक्षा पहले से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई हैं। इससे पहले रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया था कि ईरान ने हॉर्मुज के प्रवेश क्षेत्र में एक अमेरिकी स्वायत्त अंडरवाटर ड्रोन को कब्जे में लेने का दावा किया था, जबकि अमेरिकी पक्ष ने इसे पुराने मॉडल की क्षति के रूप में बताया था।

वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर प्रभाव

इस पूरे घटनाक्रम में हॉर्मुज केवल सैन्य रणनीति का मुद्दा नहीं है। यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की अहम कड़ी भी है। इसलिए ईरान के नए हथियारों और भविष्य के संघर्ष को लेकर दिए गए बयान का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित रहने के बजाय अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।

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