Asian Games से बाहर हुए MMA फाइटर Varun Sanyal, वजन घटाते समय बिगड़ी तबीयत

Asian Games से बाहर हुए MMA फाइटर Varun Sanyal, वजन घटाते समय बिगड़ी तबीयत

भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट खिलाड़ी वरुण सान्याल एशियाई खेलों में 77 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वजन कम करने की प्रक्रिया के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सकीय जांच में उन्हें प्रतियोगिता के लिए फिट नहीं पाया गया। वरुण को सॉना में वजन कम करने के दौरान चक्कर आया और वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे।मौजूद जानकारी के अनुसार, वजन कम करने के लिए वरुण भोजन और पानी की मात्रा सीमित कर रहे थे। इसके बाद करीब 30 मिनट तक सॉना में रहने के दौरान उन्हें चक्कर, कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर साथी खिलाड़ी और भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट संघ के अध्यक्ष निखिल कुंदर ने उनकी मदद की। इसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां जांच के बाद उन्हें प्रतियोगिता के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया।भारतीय ओलंपिक संघ ने भी वरुण की स्थिति को लेकर जानकारी दी है। संघ के मुताबिक, वरुण को सॉना में रहने के दौरान पूरे शरीर में ऐंठन और दर्द हुआ था। उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और एहतियात के तौर पर खून की जांच भी कराई गई, जिसमें किसी गंभीर समस्या की बात सामने नहीं आई। हालांकि आराम करने के बाद भी अगली सुबह वरुण खुद को मुकाबले जैसे कठिन खेल के लिए पूरी तरह तैयार महसूस नहीं कर रहे थे। इसके बाद कोच से सलाह लेने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया।बता दें कि वरुण भारतीय दल में शामिल दो मिक्स मार्शल आर्ट खिलाड़ियों में से एक थे। इस बार एशियाई खेलों में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है, इसलिए इस खेल के लिए यह प्रतियोगिता भारत में भी खास मानी जा रही थी। वहीं भारतीय महिला खिलाड़ी सुचिका तारियाल ने 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज कर पदक पक्का कर लिया है। वह अब सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगी।वरुण के लिए एशियाई खेलों तक पहुंचने का सफर भी आसान नहीं रहा। उन्होंने जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई मिक्स मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इससे उन्हें एशियाई स्तर पर पहचान मिली और वह खेलों के लिए गंभीर पदक दावेदारों में गिने जाने लगे थे। हालांकि एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया को लेकर लंबे समय तक स्पष्टता नहीं थी। वरुण को खेलों में हिस्सा लेने की अंतिम पुष्टि प्रतियोगिता शुरू होने से सिर्फ दो सप्ताह पहले मिली थी।वरुण ने बताया था कि इतने बड़े मुकाबले के लिए मानसिक और शारीरिक तैयारी करने के लिए दो सप्ताह का समय काफी चुनौतीपूर्ण था। इससे पहले उन्होंने 2025 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीती थी, जिसके आधार पर उन्हें चीन में एशियाई चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला था।वरुण सान्याल का बचपन सिंगापुर में बीता है। उन्होंने क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, स्क्वैश और पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों में हिस्सा लिया। बाद में उनकी रुचि कुश्ती, जिउ-जित्सु और मुए थाई से होते हुए मिश्रित मार्शल आर्ट तक पहुंची। उनके पिता संजीव सान्याल जाने-माने अर्थशास्त्री, लेखक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य हैं। वरुण के परिवार का स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा इतिहास रहा है। उनके बड़े परदादा के भाई सचिंद्रनाथ सान्याल हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापकों में शामिल थे।गौरतलब है कि वरुण ने बताया था कि उन्हें बचपन में अपने पिता से खेलों के प्रति काफी प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा था कि मिक्स मार्शल आर्ट ने उन्हें दबाव में शांत रहना और मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से फैसला लेना सिखाया है। हालांकि इस बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उनका एशियाई खेलों का अभियान मुकाबले से पहले ही खत्म हो गया है। 

भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट खिलाड़ी वरुण सान्याल एशियाई खेलों में 77 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वजन कम करने की प्रक्रिया के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सकीय जांच में उन्हें प्रतियोगिता के लिए फिट नहीं पाया गया। वरुण को सॉना में वजन कम करने के दौरान चक्कर आया और वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे।

मौजूद जानकारी के अनुसार, वजन कम करने के लिए वरुण भोजन और पानी की मात्रा सीमित कर रहे थे। इसके बाद करीब 30 मिनट तक सॉना में रहने के दौरान उन्हें चक्कर, कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर साथी खिलाड़ी और भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट संघ के अध्यक्ष निखिल कुंदर ने उनकी मदद की। इसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां जांच के बाद उन्हें प्रतियोगिता के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया।

भारतीय ओलंपिक संघ ने भी वरुण की स्थिति को लेकर जानकारी दी है। संघ के मुताबिक, वरुण को सॉना में रहने के दौरान पूरे शरीर में ऐंठन और दर्द हुआ था। उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और एहतियात के तौर पर खून की जांच भी कराई गई, जिसमें किसी गंभीर समस्या की बात सामने नहीं आई। हालांकि आराम करने के बाद भी अगली सुबह वरुण खुद को मुकाबले जैसे कठिन खेल के लिए पूरी तरह तैयार महसूस नहीं कर रहे थे। इसके बाद कोच से सलाह लेने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया।

बता दें कि वरुण भारतीय दल में शामिल दो मिक्स मार्शल आर्ट खिलाड़ियों में से एक थे। इस बार एशियाई खेलों में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है, इसलिए इस खेल के लिए यह प्रतियोगिता भारत में भी खास मानी जा रही थी। वहीं भारतीय महिला खिलाड़ी सुचिका तारियाल ने 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज कर पदक पक्का कर लिया है। वह अब सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगी।

वरुण के लिए एशियाई खेलों तक पहुंचने का सफर भी आसान नहीं रहा। उन्होंने जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई मिक्स मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इससे उन्हें एशियाई स्तर पर पहचान मिली और वह खेलों के लिए गंभीर पदक दावेदारों में गिने जाने लगे थे। हालांकि एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया को लेकर लंबे समय तक स्पष्टता नहीं थी। वरुण को खेलों में हिस्सा लेने की अंतिम पुष्टि प्रतियोगिता शुरू होने से सिर्फ दो सप्ताह पहले मिली थी।

वरुण ने बताया था कि इतने बड़े मुकाबले के लिए मानसिक और शारीरिक तैयारी करने के लिए दो सप्ताह का समय काफी चुनौतीपूर्ण था। इससे पहले उन्होंने 2025 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीती थी, जिसके आधार पर उन्हें चीन में एशियाई चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला था।

वरुण सान्याल का बचपन सिंगापुर में बीता है। उन्होंने क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, स्क्वैश और पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों में हिस्सा लिया। बाद में उनकी रुचि कुश्ती, जिउ-जित्सु और मुए थाई से होते हुए मिश्रित मार्शल आर्ट तक पहुंची। उनके पिता संजीव सान्याल जाने-माने अर्थशास्त्री, लेखक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य हैं। वरुण के परिवार का स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा इतिहास रहा है। उनके बड़े परदादा के भाई सचिंद्रनाथ सान्याल हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापकों में शामिल थे।

गौरतलब है कि वरुण ने बताया था कि उन्हें बचपन में अपने पिता से खेलों के प्रति काफी प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा था कि मिक्स मार्शल आर्ट ने उन्हें दबाव में शांत रहना और मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से फैसला लेना सिखाया है। हालांकि इस बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उनका एशियाई खेलों का अभियान मुकाबले से पहले ही खत्म हो गया है।

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