उपेंद्र कुशवाहा बोले-एक हैं तो सेफ हैं, बांटेंगे तो कटेंगे:लव-कुश सम्मान समारोह में सम्राट चौधरी ने कहा- ‘पांचों पांडव साथ रहे तो शानदार जीत मिली’

उपेंद्र कुशवाहा बोले-एक हैं तो सेफ हैं, बांटेंगे तो कटेंगे:लव-कुश सम्मान समारोह में सम्राट चौधरी ने कहा- ‘पांचों पांडव साथ रहे तो शानदार जीत मिली’

पटना के बापू सभागार में आज लव-कुश सम्मान समारे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, निशांत कुमार, उपेंद्र कुशवाहा सहित कई नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लव-कुश समाज की एकता, सामाजिक समरसता, शिक्षा, विकास और राजनीतिक विरासत को लेकर नेताओं ने अपनी बात रखी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, नीतीश कुमार ने इस छतरी के नीचे तमाम लोगों को जोड़ने का काम किया, जिसके बाद यह सामाजिक आधार मजबूत हुआ। अब जरूरत इस छतरी को और मजबूत करने की है। अगर छतरी मजबूत रहेगी तो उसके नीचे आने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित रहेगा। उन्होंने एकता का संदेश देते हुए कहा, एक हैं तो सेफ हैं, बांटेंगे तो कटेंगे। कुछ लोग कोशिश करते हैं कि आपस में लोग भिड़ें, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर किसी तरह की समस्या या मतभेद हो तो आपस में बैठकर बातचीत के जरिए उसे सुलझाया जाना चाहिए। देखें तस्वीरें… उपेंद्र कुशवाहा बोले- सत्ता चलाने वालों के पीछे मजबूती से खड़ा रहना होगा उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, सत्ता में आपकी ताकत मजबूत रहनी चाहिए। सत्ता चलाने वाले लोगों के सामने कई चुनौतियां होती हैं। अगर आप चाहते हैं कि सत्ता चले और मजबूत तरीके से काम करे तो आपको उनके पीछे खड़े रहना होगा। उन्होंने लव-कुश एकता के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1994 में लव-कुश समाज को एक साथ लाने की कवायद शुरू हुई थी। इसके बाद राजनीतिक रूप से बड़ा बदलाव आया और 2005 में नीतीश कुमार सत्ता में पहुंचे। लव-कुश की बात केवल दो जातियों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक यह एक ऐसी छतरी है, जिसके नीचे दबे-कुचले, पिछड़े और शोषित वर्ग के लोग आते हैं। नीतीश की विचारधारा और सम्राट की भूमिका पर बोले कुशवाहा उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, कुर्सी और विचारधारा दोनों अलग-अलग चीजें हैं। उनके मुताबिक नीतीश कुमार को विचारधारा विरासत में मिली, लेकिन कुर्सी विरासत में नहीं मिली। आज उस कुर्सी पर सम्राट चौधरी बैठे हैं। जब तक पार्टी और जनता का आशीर्वाद रहेगा, तब तक दुनिया की कोई ताकत उन्हें हटा नहीं सकती। नीतीश कुमार की विचारधारा को सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाना है। इसी दौरान उन्होंने जेडीयू में उत्तराधिकार को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू में जो सबसे बड़ी कुर्सी है, उसके उत्तराधिकारी निशांत कुमार ही होंगे। इसमें कोई शक-सुबहा नहीं है। उन्होंने दीपक प्रकाश को अपना छोटा बेटा और निशांत कुमार को बड़ा बेटा बताते हुए कहा कि ‘हम लोग एक हैं।’ निशांत बोले- बिहार में प्रतिभा की कमी नहीं, युवाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत निशांत कुमार ने बिहार के विकास और युवाओं की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि प्रतिभाशाली लोगों को उचित अवसर और मंच मिले, ताकि वे आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज के लोगों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग-अलग क्षेत्रों में काफी प्रगति की है। निशांत कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने समावेशी विकास पर जोर दिया और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी कई काम किए। उन्होंने कहा कि बिहार आज समृद्ध और विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 20 साल पहले बिहार की स्थिति क्या थी, यह हर किसी को पता है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे कामों का भी जिक्र किया। निशांत कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने विकसित बिहार का सपना देखा और उस दिशा में काम किया, जबकि अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। सम्राट चौधरी बोले- लव-कुश की एकता से शुरू हुआ सफर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, जब लव-कुश सम्मेलन हुआ था, उसी दौर में समता पार्टी का गठन हुआ। आज अगर समृद्ध बिहार और समृद्ध भारत की कल्पना करनी है तो सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के राजनीतिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति की पूरी तस्वीर बदल दी। उनके मुताबिक लव-कुश की एकता से शुरू हुआ राजनीतिक सफर आगे बढ़ते हुए समाज के हर वर्ग का भरोसा जीतने तक पहुंचा और नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राम के वंशज हैं, जिन्होंने अपने पिता के वचन के लिए 14 साल का वनवास स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि 1994 में भी लव-कुश समाज एक था और आज भी लव-कुश समाज एक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राजनीति केवल लव-कुश समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की है। उन्होंने सामाजिक एकता और सभी वर्गों को साथ लेकर बिहार को आगे बढ़ाने की बात कही। ‘नीतीश कुमार ने जो रास्ता दिखाया, उसी पर आगे बढ़ रहे’ सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो रास्ते दिखाए, उसी रास्ते पर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बिहार के राजनीतिक और सामाजिक बदलाव के दौर को याद करते हुए कहा कि जब बिहार बंट रहा था, तब उनके साथ उपेंद्र कुशवाहा और श्रवण कुमार जैसे नेताओं की आंखों में भी आंसू थे। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और आधुनिक स्कूलों के विस्तार पर भी काम हो रहा है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाए गए एक ऐप का भी जिक्र किया और कहा कि आज लाखों बच्चे उस ऐप के जरिए पढ़ाई कर रहे हैं। ‘पांचों पांडव साथ रहे तो जीत मिलती रही’ मुख्यमंत्री ने गठबंधन और एकजुटता का जिक्र करते हुए कहा कि सभी लोग मिलकर रहते हैं और कहीं से कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सभी मिलकर चुनाव लड़े तो शानदार जीत हासिल हुई। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों पांडव मिलकर जब चुनाव लड़ते रहे तो जीत हासिल करते रहे। पांचों उंगलियां अलग-अलग होती हैं और सभी एक जैसी नहीं होतीं, लेकिन जब यही उंगलियां मिलकर मुट्ठी बनाती हैं तो कोई ताकत उसे हरा नहीं सकती। पटना के बापू सभागार में आज लव-कुश सम्मान समारे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, निशांत कुमार, उपेंद्र कुशवाहा सहित कई नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लव-कुश समाज की एकता, सामाजिक समरसता, शिक्षा, विकास और राजनीतिक विरासत को लेकर नेताओं ने अपनी बात रखी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, नीतीश कुमार ने इस छतरी के नीचे तमाम लोगों को जोड़ने का काम किया, जिसके बाद यह सामाजिक आधार मजबूत हुआ। अब जरूरत इस छतरी को और मजबूत करने की है। अगर छतरी मजबूत रहेगी तो उसके नीचे आने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित रहेगा। उन्होंने एकता का संदेश देते हुए कहा, एक हैं तो सेफ हैं, बांटेंगे तो कटेंगे। कुछ लोग कोशिश करते हैं कि आपस में लोग भिड़ें, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर किसी तरह की समस्या या मतभेद हो तो आपस में बैठकर बातचीत के जरिए उसे सुलझाया जाना चाहिए। देखें तस्वीरें… उपेंद्र कुशवाहा बोले- सत्ता चलाने वालों के पीछे मजबूती से खड़ा रहना होगा उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, सत्ता में आपकी ताकत मजबूत रहनी चाहिए। सत्ता चलाने वाले लोगों के सामने कई चुनौतियां होती हैं। अगर आप चाहते हैं कि सत्ता चले और मजबूत तरीके से काम करे तो आपको उनके पीछे खड़े रहना होगा। उन्होंने लव-कुश एकता के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1994 में लव-कुश समाज को एक साथ लाने की कवायद शुरू हुई थी। इसके बाद राजनीतिक रूप से बड़ा बदलाव आया और 2005 में नीतीश कुमार सत्ता में पहुंचे। लव-कुश की बात केवल दो जातियों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक यह एक ऐसी छतरी है, जिसके नीचे दबे-कुचले, पिछड़े और शोषित वर्ग के लोग आते हैं। नीतीश की विचारधारा और सम्राट की भूमिका पर बोले कुशवाहा उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, कुर्सी और विचारधारा दोनों अलग-अलग चीजें हैं। उनके मुताबिक नीतीश कुमार को विचारधारा विरासत में मिली, लेकिन कुर्सी विरासत में नहीं मिली। आज उस कुर्सी पर सम्राट चौधरी बैठे हैं। जब तक पार्टी और जनता का आशीर्वाद रहेगा, तब तक दुनिया की कोई ताकत उन्हें हटा नहीं सकती। नीतीश कुमार की विचारधारा को सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाना है। इसी दौरान उन्होंने जेडीयू में उत्तराधिकार को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू में जो सबसे बड़ी कुर्सी है, उसके उत्तराधिकारी निशांत कुमार ही होंगे। इसमें कोई शक-सुबहा नहीं है। उन्होंने दीपक प्रकाश को अपना छोटा बेटा और निशांत कुमार को बड़ा बेटा बताते हुए कहा कि ‘हम लोग एक हैं।’ निशांत बोले- बिहार में प्रतिभा की कमी नहीं, युवाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत निशांत कुमार ने बिहार के विकास और युवाओं की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि प्रतिभाशाली लोगों को उचित अवसर और मंच मिले, ताकि वे आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज के लोगों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग-अलग क्षेत्रों में काफी प्रगति की है। निशांत कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने समावेशी विकास पर जोर दिया और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी कई काम किए। उन्होंने कहा कि बिहार आज समृद्ध और विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 20 साल पहले बिहार की स्थिति क्या थी, यह हर किसी को पता है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे कामों का भी जिक्र किया। निशांत कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने विकसित बिहार का सपना देखा और उस दिशा में काम किया, जबकि अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। सम्राट चौधरी बोले- लव-कुश की एकता से शुरू हुआ सफर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, जब लव-कुश सम्मेलन हुआ था, उसी दौर में समता पार्टी का गठन हुआ। आज अगर समृद्ध बिहार और समृद्ध भारत की कल्पना करनी है तो सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के राजनीतिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति की पूरी तस्वीर बदल दी। उनके मुताबिक लव-कुश की एकता से शुरू हुआ राजनीतिक सफर आगे बढ़ते हुए समाज के हर वर्ग का भरोसा जीतने तक पहुंचा और नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राम के वंशज हैं, जिन्होंने अपने पिता के वचन के लिए 14 साल का वनवास स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि 1994 में भी लव-कुश समाज एक था और आज भी लव-कुश समाज एक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राजनीति केवल लव-कुश समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की है। उन्होंने सामाजिक एकता और सभी वर्गों को साथ लेकर बिहार को आगे बढ़ाने की बात कही। ‘नीतीश कुमार ने जो रास्ता दिखाया, उसी पर आगे बढ़ रहे’ सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो रास्ते दिखाए, उसी रास्ते पर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बिहार के राजनीतिक और सामाजिक बदलाव के दौर को याद करते हुए कहा कि जब बिहार बंट रहा था, तब उनके साथ उपेंद्र कुशवाहा और श्रवण कुमार जैसे नेताओं की आंखों में भी आंसू थे। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और आधुनिक स्कूलों के विस्तार पर भी काम हो रहा है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाए गए एक ऐप का भी जिक्र किया और कहा कि आज लाखों बच्चे उस ऐप के जरिए पढ़ाई कर रहे हैं। ‘पांचों पांडव साथ रहे तो जीत मिलती रही’ मुख्यमंत्री ने गठबंधन और एकजुटता का जिक्र करते हुए कहा कि सभी लोग मिलकर रहते हैं और कहीं से कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सभी मिलकर चुनाव लड़े तो शानदार जीत हासिल हुई। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों पांडव मिलकर जब चुनाव लड़ते रहे तो जीत हासिल करते रहे। पांचों उंगलियां अलग-अलग होती हैं और सभी एक जैसी नहीं होतीं, लेकिन जब यही उंगलियां मिलकर मुट्ठी बनाती हैं तो कोई ताकत उसे हरा नहीं सकती।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *