बहू का चाल-चलन ठीक होता तो जिंदा होता मेरा बेटा:सीतापुर में मां बोली- शादी के 4 महीने बाद बेटे ने दी जान, थाने से लौटकर लगाया फंदा

बहू का चाल-चलन ठीक होता तो जिंदा होता मेरा बेटा:सीतापुर में मां बोली- शादी के 4 महीने बाद बेटे ने दी जान, थाने से लौटकर लगाया फंदा

‘अगर मेरी बहू सही चाल चलन की होती तो मेरा बेटा आज फांसी के फंदे पर लटका ना होता। मेरा जवान बेटा चला गया, मैं कैसे जी पाऊंगी…’। ये कहना है मां बृजरानी का, जिसने 4 महीने पहले अपने बेटे की शादी की थी। गुरुवार को उनके बेटे प्रेम सागर (22) ने अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद आत्महत्या कर ली तो उसके सभी सपने टूट गए। सीतापुर के महोली कोतवाली इलाके में युवक प्रेम सागर की आत्महत्या मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित 6 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज करते हुए मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। दो तस्वीरें देखें अब समझिए पूरा मामला परिजनों ने बताया कि प्रेम सागर का विवाह करीब चार माह पहले (21 जून 2026) महोली कोतवाली क्षेत्र के मूड़ासानी गांव के मजरा कोठारपुरवा निवासी गंगाराम की पुत्री मोहिनी (20) से हुआ था। सास बृजरानी का आरोप है कि विवाह के बाद से ही मोहिनी मनमानी कर रही थी। वह नहीं चाहती थी कि वह संयुक्त परिवार में रहे। इसलिए वह आए दिन अपने पति प्रेम सागर और सास-ससुर विजयपाल तथा बृजरानी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती रहती थी। बहू की शिकायत के चलते सास-ससुर और पति को कई बार कोतवाली के चक्कर लगाने पड़े। बहू को यह भी शक था कि प्रेम सागर के अपनी भाभी से अवैध संबंध हैं। जब प्रेमसागर के बड़े भाई को इस बात का पता चला तो वह अपनी पत्नी को लेकर दिल्ली मजदूरी करने चला गया,लेकिन मोहिनी के शक और आरोप कम होने का नाम नहीं ले रहे थे। जिसके चलते प्रेमसागर मानसिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान था। खाना बनाने को लेकर हुआ था विवाद बीते बृहस्पतिवार को भी मोहिनी ने खाना बनाने को लेकर विवाद किया। प्रेम सागर ने जब आपत्ति जताई तो मोहिनी घर छोड़कर पड़ोसी बच्चन के यहां छिप गई। और उसकी पत्नी के मोबाइल नंबर से 112 पुलिस बुला ली। मौके पर आई पुलिस प्रेम सागर और उसके पिता विजयपाल को लेकर कोतवाली चली गई। दोनों के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई करने के बाद पुलिस ने रात 9 बजे दोनों को रिहा कर दिया। 12 घंटे बाद कोतवाली से छूटा पति 12 घंटे पहले प्रेमसागर कोतवाली से छूटकर घर आया था। प्रेम सागर जब घर पहुंचा तो पत्नी ने खाना बनाने से मना कर दिया और फिर से ताने मारने लगी। इससे अजीज होकर उसने आत्महत्या कर ली और गुरुवार की सुबह उसका शव कमरे में पत्नी के दुपट्टे से लटका मिला। पिता विजय पाल ने आरोप लगाया कि पत्नी की हरकतों का विरोध करने पर ससुर गंगाराम और साला मनोज हमारे पड़ोसी भी प्रेमसागर को बेइज्जत करते थे। वारदात के बाद विजय पाल ने प्रेम शंकर के ससुर गंगाराम, साले मनोज कुमार, गांव की पूजा, लड़ैती देवी और निर्मल की पत्नी को उसकी आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराते हुए कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज नहीं किया। बेटे का शव रखकर हंगामा पुलिस की मंशा भांपकर मृतक के परिजनों ने शुक्रवार की सुबह बेटे का शव गांव के बाहर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क में रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब 4 घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित पांच लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। विजयपाल का कथित आरोप यह भी है कि उसकी बहू के रिश्ते के एक चाचा प्रेम सागर की मौत के लिए पुलिस की प्रताड़ना को जिम्मेदार ठहरा रहे थे जबकि ससुराल पक्ष के लोग भलीभांति जानते थे कि इस हादसे में पुलिस की प्रताड़ना नहीं बल्कि उनकी बहू की प्रताड़ना जिम्मेदार है। कोतवाली प्रभारी जेबी पांडे का कहना है कि मामले में पत्नी सहित 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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