गोंडा में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान शनिवार देर रात करनैलगंज के सरयू कटरा घाट पर अव्यवस्था देखने को मिली। शासन और जिला प्रशासन की ओर से विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे, ताकि रात में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। इसके बावजूद बिजली जाने के बाद घाट पर अंधेरा छा गया। दर्जनों गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन मोबाइल फोन और टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा। करनैलगंज नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में गणेश पूजा के बाद शनिवार शाम विसर्जन शोभायात्राएं निकलीं। मुख्य रास्तों से होते हुए शोभायात्रा रात करीब 12 बजे सरयू नदी के कटरा घाट पहुंची। घाट पर हाई मास्ट लाइट लगी थी और रोशनी भी हो रही थी, लेकिन अचानक बिजली चली गई। इसके बाद पूरा घाट अंधेरे में डूब गया। मौके पर करनैलगंज कोतवाली के पुलिसकर्मी ही नजर आए, जो अपनी टॉर्च की रोशनी में श्रद्धालुओं को विसर्जन कराने में मदद करते रहे। बिजली गई तो पूरे घाट पर छाया अंधेरा श्रद्धालुओं के घाट पहुंचने के समय हाई मास्ट लाइट जल रही थी, लेकिन बिजली कटते ही रोशनी चली गई। अंधेरे के कारण घाट पर प्रतिमा लेकर पहुंचने वाले लोगों को परेशानी हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मोबाइल फोन और टॉर्च की रोशनी का सहारा लिया। सीमित रोशनी के बीच प्रतिमाओं को नदी तक ले जाकर विसर्जित किया गया।
रात करीब 12 बजे तक दर्जनों प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा। इस दौरान करनैलगंज कोतवाली के पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों ने अपनी टॉर्च की रोशनी में श्रद्धालुओं को विसर्जन कराने में मदद की। वहीं, अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर दिखाई नहीं दिए। श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरया’ के जयकारे लगाते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन किया। श्रद्धालुओं ने मांगी स्थायी रोशनी की व्यवस्था स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सरयू तट पर जिस तरह रोशनी की व्यवस्था की जाती है, उसी तरह गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान भी पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए। उनका कहना है कि अंधेरे में विसर्जन के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से अगली बार बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की है। कोतवाल बोले- रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजेंगे करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि घाट पर हाई मास्ट लाइट जल रही थी, लेकिन बिजली जाने के कारण अंधेरा हो गया। उन्होंने बताया कि हाई मास्ट की रोशनी पूरे घाट को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इसके बावजूद किसी तरह विसर्जन पूरा कराया गया। कोतवाल ने कहा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ऐसी दिक्कत न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि दोबारा श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।

