MMA Fighter Varun Sanyal और भारतीय निशानेबाजों को Asian Games में आवास के लिए परेशानी हुई

MMA Fighter Varun Sanyal और भारतीय निशानेबाजों को Asian Games में आवास के लिए परेशानी हुई

एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन जापान के आइची-नागोया पहुंचा भारतीय दल शुरुआत से ही व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कई भारतीय खिलाड़ियों को उनके लिए तय कमरों के आवंटन के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। निशानेबाजी दल को भी इस समस्या के कारण परेशानी हुई है। भारतीय निशानेबाजों का अभियान 20 सितंबर से शुरू होना है और ऐसे समय में खिलाड़ियों को आराम और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाना चिंता की वजह बना हुआ है।बता दें कि बाद में कमरों से जुड़ी समस्या को सुलझा लिया गया, लेकिन इस पूरी व्यवस्था से सभी खिलाड़ी संतुष्ट नजर नहीं आए। भारतीय दल के एक खिलाड़ी वरुण सन्याल ने अपनी परेशानी का जिक्र सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में किया था। हालांकि, उनका लंबा वीडियो और बाद की एक पोस्ट अब हटा दी गई है।वरुण सन्याल जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वह मिक्स मार्शल आर्ट्स के भारतीय खिलाड़ी हैं। इस बार आइची-नागोया एशियाई खेलों में मिक्स मार्शल आर्ट्स पहली बार पदक खेल के तौर पर शामिल हो रहा है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर भी खास नजर है।वरुण ने अपने वीडियो में बताया था कि उन्होंने लंदन से मुंबई और सिंगापुर होते हुए नागोया तक का सफर किया। नागोया पहुंचने के बाद हवाई अड्डे से खिलाड़ियों को बस के जरिए आयोजन से जुड़ी जगह पर ले जाया गया। उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद कमरा आवंटित कराने में काफी परेशानी हुई।उन्होंने दावा किया था कि उनके पास वैध पहचान पत्र और मान्यता कार्ड होने के बावजूद अधिकारियों को व्यवस्था में उनका नाम नहीं मिल रहा था। वरुण के अनुसार, अधिकारी करीब दो घंटे तक उनका नाम तलाशते रहे। उनका कहना था कि इस वजह से उन्हें वहां करीब तीन घंटे तक रुकना पड़ा और उस समय तक उनकी समस्या का समाधान भी नहीं हुआ था।वरुण ने वीडियो में आयोजन स्थल की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के कमरों के आवंटन को लेकर काफी अव्यवस्था दिखाई दे रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी स्थिति भारत में हुई होती तो इसे लेकर काफी ज्यादा चर्चा होती और मीडिया में भी इसे प्रमुखता से उठाया जाता।गौरतलब है कि खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले रहने की व्यवस्था बेहद अहम होती है। लंबे सफर के बाद खिलाड़ियों को आराम करने, अपनी दिनचर्या सामान्य करने और प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का समय चाहिए होता है। खासकर निशानेबाजी जैसे खेलों में प्रतियोगिता से पहले एकाग्रता और नियमित तैयारी काफी मायने रखती है।वरुण की परेशानी केवल पहचान और कमरे के आवंटन तक सीमित नहीं रही। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और घटना का जिक्र किया था। उनके अनुसार, कमरे में दो भारतीय खिलाड़ी अचानक पहुंच गए। कुछ देर बाद पता चला कि तीनों खिलाड़ियों को एक ही कमरा आवंटित कर दिया गया था।वरुण ने अपनी पोस्ट में बताया था कि दो दिन तक जागने और करीब 10 घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें आखिरकार एक कमरा मिला। लेकिन वह केवल करीब 30 मिनट ही सो पाए थे। इसके बाद दो भारतीय खिलाड़ी कमरे में पहुंचे और उन्हें देखकर हैरान रह गए। बाद में पता चला कि उन दोनों को भी उसी कमरे में रहने के लिए भेजा गया था। उनकी यह पोस्ट भी बाद में हटा दी गई।हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कमरे और आवंटन से जुड़ी शुरुआती दिक्कतों को बाद में दूर कर लिया गया है। फिर भी इस घटना ने बड़े खेल आयोजन में खिलाड़ियों के रहने और पहुंचने से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।आइची-नागोया एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को होना है। भारत बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ इन खेलों में हिस्सा ले रहा है और कई खेलों में उससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। निशानेबाजी भारतीय दल के महत्वपूर्ण खेलों में शामिल है, जहां खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद रहती है।ऐसे में प्रतियोगिताएं शुरू होने से ठीक पहले आवास और कमरा आवंटन जैसी समस्याएं खिलाड़ियों की तैयारी के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। फिलहाल शुरुआती दिक्कतें दूर हो चुकी हैं, लेकिन वरुण सन्याल के अनुभव ने एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले भारतीय दल के सामने आई व्यवस्थागत चुनौतियों को सामने ला दिया है। भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब इन शुरुआती परेशानियों से आगे बढ़कर प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन पर लगाने की कोशिश में है। 

एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन जापान के आइची-नागोया पहुंचा भारतीय दल शुरुआत से ही व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कई भारतीय खिलाड़ियों को उनके लिए तय कमरों के आवंटन के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। निशानेबाजी दल को भी इस समस्या के कारण परेशानी हुई है। भारतीय निशानेबाजों का अभियान 20 सितंबर से शुरू होना है और ऐसे समय में खिलाड़ियों को आराम और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाना चिंता की वजह बना हुआ है।

बता दें कि बाद में कमरों से जुड़ी समस्या को सुलझा लिया गया, लेकिन इस पूरी व्यवस्था से सभी खिलाड़ी संतुष्ट नजर नहीं आए। भारतीय दल के एक खिलाड़ी वरुण सन्याल ने अपनी परेशानी का जिक्र सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में किया था। हालांकि, उनका लंबा वीडियो और बाद की एक पोस्ट अब हटा दी गई है।

वरुण सन्याल जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वह मिक्स मार्शल आर्ट्स के भारतीय खिलाड़ी हैं। इस बार आइची-नागोया एशियाई खेलों में मिक्स मार्शल आर्ट्स पहली बार पदक खेल के तौर पर शामिल हो रहा है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर भी खास नजर है।

वरुण ने अपने वीडियो में बताया था कि उन्होंने लंदन से मुंबई और सिंगापुर होते हुए नागोया तक का सफर किया। नागोया पहुंचने के बाद हवाई अड्डे से खिलाड़ियों को बस के जरिए आयोजन से जुड़ी जगह पर ले जाया गया। उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद कमरा आवंटित कराने में काफी परेशानी हुई।

उन्होंने दावा किया था कि उनके पास वैध पहचान पत्र और मान्यता कार्ड होने के बावजूद अधिकारियों को व्यवस्था में उनका नाम नहीं मिल रहा था। वरुण के अनुसार, अधिकारी करीब दो घंटे तक उनका नाम तलाशते रहे। उनका कहना था कि इस वजह से उन्हें वहां करीब तीन घंटे तक रुकना पड़ा और उस समय तक उनकी समस्या का समाधान भी नहीं हुआ था।

वरुण ने वीडियो में आयोजन स्थल की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के कमरों के आवंटन को लेकर काफी अव्यवस्था दिखाई दे रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी स्थिति भारत में हुई होती तो इसे लेकर काफी ज्यादा चर्चा होती और मीडिया में भी इसे प्रमुखता से उठाया जाता।

गौरतलब है कि खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले रहने की व्यवस्था बेहद अहम होती है। लंबे सफर के बाद खिलाड़ियों को आराम करने, अपनी दिनचर्या सामान्य करने और प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का समय चाहिए होता है। खासकर निशानेबाजी जैसे खेलों में प्रतियोगिता से पहले एकाग्रता और नियमित तैयारी काफी मायने रखती है।

वरुण की परेशानी केवल पहचान और कमरे के आवंटन तक सीमित नहीं रही। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और घटना का जिक्र किया था। उनके अनुसार, कमरे में दो भारतीय खिलाड़ी अचानक पहुंच गए। कुछ देर बाद पता चला कि तीनों खिलाड़ियों को एक ही कमरा आवंटित कर दिया गया था।

वरुण ने अपनी पोस्ट में बताया था कि दो दिन तक जागने और करीब 10 घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें आखिरकार एक कमरा मिला। लेकिन वह केवल करीब 30 मिनट ही सो पाए थे। इसके बाद दो भारतीय खिलाड़ी कमरे में पहुंचे और उन्हें देखकर हैरान रह गए। बाद में पता चला कि उन दोनों को भी उसी कमरे में रहने के लिए भेजा गया था। उनकी यह पोस्ट भी बाद में हटा दी गई।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कमरे और आवंटन से जुड़ी शुरुआती दिक्कतों को बाद में दूर कर लिया गया है। फिर भी इस घटना ने बड़े खेल आयोजन में खिलाड़ियों के रहने और पहुंचने से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।

आइची-नागोया एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को होना है। भारत बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ इन खेलों में हिस्सा ले रहा है और कई खेलों में उससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। निशानेबाजी भारतीय दल के महत्वपूर्ण खेलों में शामिल है, जहां खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद रहती है।

ऐसे में प्रतियोगिताएं शुरू होने से ठीक पहले आवास और कमरा आवंटन जैसी समस्याएं खिलाड़ियों की तैयारी के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। फिलहाल शुरुआती दिक्कतें दूर हो चुकी हैं, लेकिन वरुण सन्याल के अनुभव ने एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले भारतीय दल के सामने आई व्यवस्थागत चुनौतियों को सामने ला दिया है। भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब इन शुरुआती परेशानियों से आगे बढ़कर प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन पर लगाने की कोशिश में है।

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