आगरा में साइबर अपराधियों ने 11 सितंबर को दो लोगों को ग्रीन गैस मीटर अपडेट करने और सीआरएन नंबर देखने के बहाने 11.51 लाख रुपये ठग लिए। दोनों को एपीके फाइल भेजकर उनके मोबाइल हैक करके खातों से रकम निकाल ली। शाहगंज के पुष्पनगर निवासी प्रभाकर के पास 11 सितंबर को अपरिचित नंबर से काल आई। काॅल करने वाले ने कहा कि वह ग्रीन गैस कंपनी से बात कर रहा है। इसके बाद ग्रीन गैस मीटर अपडेट करने के नाम पर उनके मोबाइल पर एपीके फाइल भेजी। मीटर अपडेट नाम का एप डाउनलोड कराया। उनके बैंक खाते से बिना जानकारी व सहमति के आनलाइन 5.37 लाख रुपये निकाल लिए। प्रभाकर को उसी दिन शाम को 5:30 से 6:30 बजे के बीच मोबाइल पर रकम निकलने के मैसेज आने पर धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करके मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, ताजगंज के पुरानी मंडी निवासी अजय कुमार गुप्ता पर भी 10 सितंबर को अपरिचिति नंबर से काॅल आई। काल करने वाले ने उन्हें ग्रीन गैस का सीआरएन नंबर देखने के लिए वाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी। जिसे डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। बैंक खाते से कई बार में 6.14 लाख रुपये निकल गए। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि फाइल डाउनलोड होने के बाद 11 सितंबर को उनके खाते से साइबर अपराधियों ने रकम निकाली। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि ग्रीन समेत किसी भी कंपनी के नाम पर भेजी जानी वाली एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करे। ग्रीन गैस के नाम पर ठगी के एक दर्जन से अधिक मामले अब तक आ चुके हैं। सर्तकता से बचे लोग
दयालबाग स्थित पुष्पांजलि बाग में भी कई लोगों को ग्रीन गैस के नाम पर मैसेज भेजे गए। अंकित अरोरा, आरती गिहानी, अरुण गुप्ता, भूपेश जैसवाल, राकेश मलिक और रविकांत शर्मा के पास अलग अलग मैसेज रिसीव हुए। कॉलोनी सोसाइटी के वाट्सएप ग्रुप पर लोगों ने ये सूचना प्रेषित की। सतर्कता के बाद लोग ठगे जाने से बच गए।

