निवेश योजना के जरिए निवेशकों से कथित तौर पर 700 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले की जांच के तहत पुलिस ने ‘वीपीवीवी टेक्नो कंस्ट्रक्शन’ के केरलम समन्वयक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान कोल्लम जिले के परिपल्ली निवासी पी. प्रदीप कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, कंपनी ने अमेरिकी रक्षा विभाग से ठेके मिलने का दावा करते हुए देशभर के लोगों से निवेश जुटाया था। कंपनी का नाम उसके चेयरमैन, निदेशकों और समन्वयकों के नामों के शुरुआती अक्षरों से लिया गया है। पुलिस ने बताया कि कुमार को ए. एम. मुनीर की शिकायत पर वर्कला में दर्ज मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया।
मुनीर ने कथित तौर पर इस योजना में 70 लाख रुपये गंवाए थे। वर्कला पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मुनीर ने रविवार शाम चेरथला के एक होटल में कुमार को देखा और पुलिस को सूचना देने से पहले उसे रोक लिया। चेरथला पुलिस ने कुमार को हिरासत में लिया और बाद में उसे वर्कला पुलिस की टीम को सौंप दिया।
आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में वीपीवीवी के चेयरमैन वेंकिट्टा वेंकिट, कंपनी के निदेशक एवं समन्वयक डॉ. साब, येलाथी पद्मराजा गोपाल और जी. एस. बीजू भी आरोपी हैं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने हाल में इसी तरह के एक मामले में वेंकिट और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अमेरिकी रक्षा विभाग के ठेकों से जुड़े फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों का भरोसा जीता और कंपनी द्वारा देशभर में विभिन्न परियोजनाएं शुरू करने का वादा किया। कई राज्यों में जमीन खरीदी गई, लेकिन कोई परियोजना शुरू नहीं हुई। पुलिस जल्द ही आगे की जांच के लिए कुमार की हिरासत के लिए अदालत का रुख करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि केरलम में वीपीवीवी के खिलाफ कई अन्य मामले भी दर्ज हैं और कुछ मामलों में आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है।

