Ganesh Chaturthi: दक्षिण भारत में 69 फुट तक की मूर्तियों संग उत्सव, मंदिरों में विशेष पूजा

Ganesh Chaturthi: दक्षिण भारत में 69 फुट तक की मूर्तियों संग उत्सव, मंदिरों में विशेष पूजा

दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। ‘‘विघ्नहर्ता’’ भगवान गणेश की विभिन्न आकार और रंगों की प्रतिमाओं की पूजा की गई। घरों में पूजा के लिए रखी गई साधारण मिट्टी की प्रतिमाओं से लेकर सार्वजनिक पंडालों में 60 से 70 फुट ऊंची विशाल प्रतिमाओं तक, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ गणेश चतुर्थी मनाई।

दक्षिणी राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। तमिलनाडु में घरों में होने वाली पूजा से लेकर भव्य मंदिर अनुष्ठानों और विशाल सार्वजनिक पंडालों तक, राज्य में ‘‘पिल्लैयार’’ के जयकारे और भक्ति संगीत गूंजते रहे। तमिलनाडु में भगवान गणेश के लिए ‘‘पिल्लैयार’’ नाम का आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

श्रद्धालु विशेष महा अभिषेकम और फूलों से सजावट (अलंकारम) देखने के लिए सुबह से ही राज्य के प्रमुख मंदिरों के बाहर कतारों में खड़े रहे। मदुरै में प्रसिद्ध श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के अंदर सात फुट ऊंची विशाल एकाश्म मुक्कुरुणि विनायकर प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। सदियों पुरानी परंपरा के तहत मंदिर के पुजारियों ने इस अवसर पर भगवान को एक विशाल ‘मुक्कुरुणि कोझुकट्टई’ यानी चावल के आटे से बने पुआ का भोग लगाया।

तिरुचिरापल्ली में 273 फुट ऊंची रॉकफोर्ट पहाड़ी पर स्थित सातवीं शताब्दी के उची पिल्लैयार मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु 417 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे। मंदिर में 14 दिवसीय पेरुविझा उत्सव की शुरुआत हुई और भगवान को 25 किलोग्राम की विशाल कोझुकट्टई का भोग लगाया गया। कोयंबटूर के पुलियाकुलम स्थित श्री अरुलमिगु मुंधी विनायगर मंदिर में चतुर्थी के अवसर पर विशेष पूजा हुई।

यहां भगवान गणेश की प्रतिमा 19 फुट 10 इंच ऊंची, 11 फुट 10 इंच चौड़ी और 190 टन वजनी है। ग्रेनाइट से बनी इस प्रतिमा को अवसर पर 50 किलोग्राम चंदन के लेप से सजाया गया। सार्वजनिक आयोजनों के तहत हिंदू मुन्नानी ने सुबह स्थापना अनुष्ठानों के बाद पूरे राज्य में करीब 1.5 लाख गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने का काम शुरू किया।

अकेले चेन्नई में वल्लुवर कोट्टम, त्रिप्लिकेन, उत्तर चेन्नई और कोट्टिवाक्कम इलाकों में 5,501 सार्वजनिक प्रतिमाएं स्थापित की गईं। कर्नाटक के बेंगलुरु में ऐतिहासिक बसवनगुड़ी स्थित डोड्डा गणपति मंदिर में श्रद्धालु सुबह जल्दी ही भगवान गणेश के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचने लगे। मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक, पुष्प सज्जा और अन्य अनुष्ठान किए गए तथा श्रद्धालु दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे।

मंदिर अधिकारियों ने बताया कि विशेष अनुष्ठान देर रात करीब दो बजे शुरू हुए और सुबह छह बजे से मध्यरात्रि तक प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है। तेलंगाना में नौ दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव की शुरुआत धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ हुई।

राज्य में गणेश चतुर्थी का प्रमुख आकर्षण हैदराबाद के खैरताबाद में पंडाल में स्थापित विशाल गणेश प्रतिमा रही। इस वर्ष खैरताबाद पंडाल में 69 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। इसका नाम ‘पंचमुख संकट हारा महागणपति’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के संकटों को दूर करने की कामना को दर्शाता है।

केरल में भी राज्यभर के गणेश मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु राजधानी तिरुवनंतपुरम के प्रसिद्ध पझावंगडी गणपति मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों में पहुंचे और विशेष अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। संबंधित राज्यों के अधिकारियों ने बताया कि बाद में गणेश प्रतिमाओं का निर्धारित जलाशयों में विसर्जन किया जाएगा।

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