कॉपी के बंडल-फाइलों में तहखाना बनाकर शराब तस्करी:मोतिहारी पुलिस ने 1652 बोतल पकड़ी; 3 तस्कर धर दबोचे

कॉपी के बंडल-फाइलों में तहखाना बनाकर शराब तस्करी:मोतिहारी पुलिस ने 1652 बोतल पकड़ी; 3 तस्कर धर दबोचे

बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए रोज नए तरीके अपना रहे हैं। मोतिहारी पुलिस ने शराब तस्करी के ऐसे ही दो तरीकों का खुलासा किया है। एक मामले में कॉपी के बंडलों के बीच शराब छिपाकर लाई जा रही थी, जबकि दूसरे में फाइलों के अंदर तहखाना बनाकर शराब की खेप ले जाई जा रही थी। दोनों कार्रवाई में पुलिस ने कुल 1652 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने खोला तस्करी का राज सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने बताया कि पुलिस को जिले में शराब तस्करी के नए तरीके अपनाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने शिवहर और सीतामढ़ी में छापेमारी शुरू की। इसी दौरान सीतामढ़ी निवासी रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में मास्टरमाइंड रोहित का खुलासा पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रोहित ने बताया कि मोतिहारी का आकाश नाम का तस्कर दिल्ली से शराब मंगाता है। शराब की बोतलों को कॉपी के बंडलों के बीच इस तरह छिपाया जाता है कि बाहर से सामान्य कॉपी का बंडल ही नजर आए। जेल में हुई मुलाकात, बाहर निकलकर शुरू किया धंधा रोहित ने पुलिस को बताया कि वह सीतामढ़ी जेल में बंद था। वर्ष 2024 में जेल में उसकी मुलाकात आकाश से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर शराब तस्करी शुरू कर दी। अब्बास चौक पर पहुंचने वाली थी शराब की खेप पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि शराब की एक और खेप मोतिहारी पहुंचने वाली है। इसके बाद नगर थाना क्षेत्र के अब्बास चौक के पास पुलिस ने छापेमारी की। यहां कॉपी के बंडलों की जांच की गई तो पुलिस भी हैरान रह गई। कॉपी के बंडल से निकली 286 बोतल शराब ऊपर से देखने पर बंडल में सिर्फ कॉपियां दिखाई दे रही थीं। लेकिन जब पुलिस ने बंडल खोलकर जांच की तो उसके अंदर 286 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने खेप जब्त कर तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। फाइलों के अंदर बना रखा था शराब का तहखाना दूसरी कार्रवाई पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में हुई। थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार को शराब की बड़ी खेप आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पिपरा कोठी ओवरब्रिज के नीचे वाहन जांच शुरू की गई। इसी दौरान फाइलों से लदे एक टेम्पो को पुलिस ने रोका। वजन ज्यादा होने पर पुलिस को हुआ शक टेम्पो पर बड़ी संख्या में फाइलें लदी थीं। पुलिस को फाइलों के वजन में कुछ गड़बड़ी लगी। जांच करने पर फाइलों के अंदर अलग से तहखाना बना होने का पता चला। पुलिस ने जब इसे खोला तो अंदर शराब की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। तहखाने से मिली 1366 बोतल अंग्रेजी शराब पुलिस ने फाइलों के अंदर बने गुप्त तहखाने से 1366 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की। इस कार्रवाई में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। शराब जब्त करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। दिल्ली से मोतिहारी तक फैला नेटवर्क? पुलिस की कार्रवाई से शराब तस्करी के नए तरीकों का खुलासा हुआ है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि दिल्ली से शराब कौन भेज रहा था, मोतिहारी में खेप किसे मिलनी थी और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए रोज नए तरीके अपना रहे हैं। मोतिहारी पुलिस ने शराब तस्करी के ऐसे ही दो तरीकों का खुलासा किया है। एक मामले में कॉपी के बंडलों के बीच शराब छिपाकर लाई जा रही थी, जबकि दूसरे में फाइलों के अंदर तहखाना बनाकर शराब की खेप ले जाई जा रही थी। दोनों कार्रवाई में पुलिस ने कुल 1652 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने खोला तस्करी का राज सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने बताया कि पुलिस को जिले में शराब तस्करी के नए तरीके अपनाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने शिवहर और सीतामढ़ी में छापेमारी शुरू की। इसी दौरान सीतामढ़ी निवासी रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में मास्टरमाइंड रोहित का खुलासा पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रोहित ने बताया कि मोतिहारी का आकाश नाम का तस्कर दिल्ली से शराब मंगाता है। शराब की बोतलों को कॉपी के बंडलों के बीच इस तरह छिपाया जाता है कि बाहर से सामान्य कॉपी का बंडल ही नजर आए। जेल में हुई मुलाकात, बाहर निकलकर शुरू किया धंधा रोहित ने पुलिस को बताया कि वह सीतामढ़ी जेल में बंद था। वर्ष 2024 में जेल में उसकी मुलाकात आकाश से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर शराब तस्करी शुरू कर दी। अब्बास चौक पर पहुंचने वाली थी शराब की खेप पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि शराब की एक और खेप मोतिहारी पहुंचने वाली है। इसके बाद नगर थाना क्षेत्र के अब्बास चौक के पास पुलिस ने छापेमारी की। यहां कॉपी के बंडलों की जांच की गई तो पुलिस भी हैरान रह गई। कॉपी के बंडल से निकली 286 बोतल शराब ऊपर से देखने पर बंडल में सिर्फ कॉपियां दिखाई दे रही थीं। लेकिन जब पुलिस ने बंडल खोलकर जांच की तो उसके अंदर 286 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने खेप जब्त कर तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। फाइलों के अंदर बना रखा था शराब का तहखाना दूसरी कार्रवाई पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में हुई। थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार को शराब की बड़ी खेप आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पिपरा कोठी ओवरब्रिज के नीचे वाहन जांच शुरू की गई। इसी दौरान फाइलों से लदे एक टेम्पो को पुलिस ने रोका। वजन ज्यादा होने पर पुलिस को हुआ शक टेम्पो पर बड़ी संख्या में फाइलें लदी थीं। पुलिस को फाइलों के वजन में कुछ गड़बड़ी लगी। जांच करने पर फाइलों के अंदर अलग से तहखाना बना होने का पता चला। पुलिस ने जब इसे खोला तो अंदर शराब की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। तहखाने से मिली 1366 बोतल अंग्रेजी शराब पुलिस ने फाइलों के अंदर बने गुप्त तहखाने से 1366 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की। इस कार्रवाई में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। शराब जब्त करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। दिल्ली से मोतिहारी तक फैला नेटवर्क? पुलिस की कार्रवाई से शराब तस्करी के नए तरीकों का खुलासा हुआ है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि दिल्ली से शराब कौन भेज रहा था, मोतिहारी में खेप किसे मिलनी थी और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।  

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