परमिट की शर्तों को दरकिनार कर स्लीपर बसों का संचालन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान के दूसरे दिन रविवार को लखनऊ आने-जाने वाली और शहर से गुजरने वाली स्लीपर बसों की जांच की गई। आगरा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समेत विभिन्न मार्गों पर चलाए गए विशेष अभियान में 22 स्लीपर बसों का चालान किया गया, जबकि सात बसों को सीज कर दिया गया। जांच में सभी बसें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर संचालित होती मिलीं। इसके बावजूद बस संचालक परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए फुटकर किराए की सवारियां ढोते पाए गए। परिवहन विभाग के मुताबिक, कुछ बसों का संचालन उनके परमिट में निर्धारित गृह राज्य से न होकर दूसरे राज्य से किया जा रहा था। परमिट टूरिस्ट का, संचालन यात्री बस की तरह परिवहन विभाग की कार्रवाई में सामने आया कि टूरिस्ट परमिट वाली स्लीपर बसों का इस्तेमाल नियमित यात्री परिवहन की तरह किया जा रहा था। फुटकर सवारियां लेकर चलने वाली इन बसों पर विभाग ने कार्रवाई की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अभियान आरटीओ प्रवर्तन लखनऊ प्रभात पाण्डेय के दिशा-निर्देश में चलाया गया। प्रवर्तन टीम में एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव, यात्री/मालकर अधिकारी उन्नाव विनय कुमार पाण्डेय और यात्री/मालकर अधिकारी सीतापुर आब्दीन अहमद शामिल रहे।

