Bidet या Jet Spray की तेज पानी की धार कर सकती है एनल एरिया को प्रभावित, जानें कारण और सावधानियां

Bidet या Jet Spray की तेज पानी की धार कर सकती है एनल एरिया को प्रभावित, जानें कारण और सावधानियां

Bidet Water Jet Side Effects: टॉयलेट के बाद सफाई के लिए बिडेट या जेट स्प्रे का इस्तेमाल आजकल काफी आम हो गया है। इससे सफाई करना आसान होता है, लेकिन क्या इससे आने वाला पानी की धार का दबाव बहुत ज्यादा होने पर यह नुकसान भी पहुंचा सकता है? इसको लेकर कुछ शोधों में बिडेट से निकलने वाली पानी की धार के अलग-अलग दबाव और तापमान का गुदा यानी मलद्वार (Anus) पर असर देखा गया है। वहीं एक अन्य अध्ययन में बिडेट की तेज पानी की धार और एनल फिशर यानी गुदा में होने वाली दरार के बीच संबंध की जांच की गई।

तेज पानी की धार से एनल फिशर का खतरा

एनल कोलोरेक्टल रिसर्च (Annals of Colorectal Research) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, बिडेट टॉयलेट की पानी की धार और anterior anal fissure यानी गुदा के आगे की तरफ होने वाली दरार के बीच संबंध की जांच की गई। इस अध्ययन में पहले से एनल फिशर की समस्या वाले 165 मरीजों को शामिल किया गया था। इनमें पानी की धार से सफाई करने वाले समूह में 55.9 प्रतिशत मरीजों में anterior anal fissure पाई गई, जबकि पानी की धार का इस्तेमाल नहीं करने वाले समूह में यह 17.3 प्रतिशत थी। शोधकर्ताओं ने संभावना जताई कि पीछे से आने वाली तेज पानी की धार गुदा की अंदरूनी परत पर बार बार दबाव या चोट डाल सकती है, जिससे anterior anal fissure का खतरा बढ़ सकता है।

ज्यादा प्रेशर वाली धार से क्या होता है

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) पर उपलब्ध एक अध्ययन में 20 स्वस्थ लोगों पर बिडेट से निकलने वाली अलग अलग दबाव और तापमान वाली पानी की धार का असर देखा गया। शोध में पाया गया कि कम या मध्यम दबाव वाली गर्म पानी की धार से गुदा की आराम की स्थिति वाली मांसपेशियों के दबाव में कमी आ सकती है। वहीं, ज्यादा दबाव वाली धार का प्रभाव अलग पाया गया। अध्ययन में यह भी देखा गया कि ज्यादा दबाव वाली पानी की धार से पानी मलाशय के अंदर पहुंच सकता है। इसके साथ ही कुछ प्रतिभागियों ने तेज दबाव वाली धार के दौरान असहजता या दर्द जैसी परेशानी भी महसूस की।

लगातार तेज धार का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए

एनल कोलोरेक्टल रिसर्च (Annals of Colorectal Research) में प्रकाशित अध्ययन में पानी की धार का इस्तेमाल करने वाले एनल फिशर मरीजों के समूह में anterior anal fissure की समस्या अधिक पाई गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, लगातार और तेज धार के संपर्क में आने से गुदा की अंदरूनी परत को चोट पहुंचने की संभावना हो सकती है।

बिडेट इस्तेमाल करते समय रखें इन बातों का ध्यान

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, सफाई के लिए बहुत ज्यादा दबाव वाली पानी की धार का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर हो सकता है। इसके अलावा अगर बिडेट इस्तेमाल करने के बाद गुदा के आसपास लगातार दर्द, जलन या खून आने जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *