बाबा गणिनाथ गोविंद की जयंती पर सहरसा में गूंजे जयकारे:भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब; धर्मसभा का आयोजन

बाबा गणिनाथ गोविंद की जयंती पर सहरसा में गूंजे जयकारे:भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब; धर्मसभा का आयोजन

सहरसा में शुक्रवार को श्रीश्री 108 बाबा गणिनाथ गोविंद की 94वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सुपर बाजार स्थित कला भवन से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल, बाइक और चारपहिया वाहनों से इसमें शामिल हुए। बाबा गणिनाथ गोविंद के जयकारों से शहर की सड़कें गूंज उठीं। अतिथियों ने धर्मध्वजा दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। अश्व वाहन पर सजी आदमकद झांकी बनी आकर्षण शोभायात्रा में अश्व वाहन पर बाबा गणिनाथ गोविंद की आकर्षक आदमकद झांकी सजाई गई थी। यह लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही। कई श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं का रूप धारण किया था, जिससे शोभायात्रा की भव्यता और बढ़ गई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बलहाडीह स्थित बाबा गणिनाथ मंदिर परिसर पहुंची। रास्ते में लगाए गए सेवा शिविर शोभायात्रा के मार्ग में कई जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं के लिए पानी, शरबत, लस्सी, मिठाई, आइसक्रीम और नाश्ते की व्यवस्था की। जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। धर्मसभा में सांसद ने दिया एकता का संदेश बलहाडीह मंदिर परिसर पहुंचने के बाद शोभायात्रा धर्मसभा और जयंती समारोह में बदल गई। पूर्व मंत्री एवं सांसद दिनेश चंद्र यादव ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। मध्यदेशीय वैश्य महासभा के जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पूर्व विधायक डॉ. अरुण कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और समाज के प्रमुख लोग मौजूद रहे। सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि बाबा गणिनाथ गोविंद का जीवन सेवा, त्याग, परोपकार, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। समाज के लोगों को उनके आदर्शों से सीख लेकर आपसी मतभेद भुलाने और एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत सिर्फ संख्या से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी से बनती है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है। सांसद ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट लगाने की घोषणा की। मानव कल्याण की प्रेरणा देता है बाबा का जीवन पूर्व विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि बाबा गणिनाथ गोविंद का जीवन त्याग, सेवा और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। उनके विचार समाज में प्रेम, भाईचारा और सभी के कल्याण की भावना को मजबूत करने का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा की जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों को याद करने का अवसर भी है। उन्होंने जरूरतमंदों की सेवा करने और बाबा के बताए मार्ग पर चलने की अपील की। दूसरे चरण में मंदिर को मिलेगा और भव्य स्वरूप समारोह के अध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने अतिथियों का माला और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और समाज के लोगों के सहयोग से मंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में कई कार्य प्रगति पर हैं। आने वाले समय में मंदिर परिसर को और भव्य स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर को केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कार और सामाजिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। दो दिवसीय मेले में भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर जयंती के अवसर पर बलहाडीह मंदिर के समीप दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। रात में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भक्ति गीतों की प्रस्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस दौरान सहरसा, सुपौल, मधेपुरा और पटना से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष धीरेन्द्र यादव, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रदेव मुखिया, जिला व्यापार संघ अध्यक्ष अर्जुन चौधरी, जदयू नेता देवेंद्र कुमार देव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह, अमर यादव, हरिनारायण यादव, दिनेश पासवान, बिहार प्रदेश कानू हलवाई अध्यक्ष एवं पर्यटन मंत्री के प्रतिनिधि जितेंद्र गुप्ता, राष्ट्रीय सदस्य रामानंद गुप्ता, युवा अध्यक्ष अजीत कुमार अजय, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष शशि सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज के लोग मौजूद रहे। सहरसा में शुक्रवार को श्रीश्री 108 बाबा गणिनाथ गोविंद की 94वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सुपर बाजार स्थित कला भवन से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल, बाइक और चारपहिया वाहनों से इसमें शामिल हुए। बाबा गणिनाथ गोविंद के जयकारों से शहर की सड़कें गूंज उठीं। अतिथियों ने धर्मध्वजा दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। अश्व वाहन पर सजी आदमकद झांकी बनी आकर्षण शोभायात्रा में अश्व वाहन पर बाबा गणिनाथ गोविंद की आकर्षक आदमकद झांकी सजाई गई थी। यह लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही। कई श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं का रूप धारण किया था, जिससे शोभायात्रा की भव्यता और बढ़ गई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बलहाडीह स्थित बाबा गणिनाथ मंदिर परिसर पहुंची। रास्ते में लगाए गए सेवा शिविर शोभायात्रा के मार्ग में कई जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं के लिए पानी, शरबत, लस्सी, मिठाई, आइसक्रीम और नाश्ते की व्यवस्था की। जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। धर्मसभा में सांसद ने दिया एकता का संदेश बलहाडीह मंदिर परिसर पहुंचने के बाद शोभायात्रा धर्मसभा और जयंती समारोह में बदल गई। पूर्व मंत्री एवं सांसद दिनेश चंद्र यादव ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। मध्यदेशीय वैश्य महासभा के जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पूर्व विधायक डॉ. अरुण कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और समाज के प्रमुख लोग मौजूद रहे। सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि बाबा गणिनाथ गोविंद का जीवन सेवा, त्याग, परोपकार, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। समाज के लोगों को उनके आदर्शों से सीख लेकर आपसी मतभेद भुलाने और एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत सिर्फ संख्या से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी से बनती है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है। सांसद ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट लगाने की घोषणा की। मानव कल्याण की प्रेरणा देता है बाबा का जीवन पूर्व विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि बाबा गणिनाथ गोविंद का जीवन त्याग, सेवा और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। उनके विचार समाज में प्रेम, भाईचारा और सभी के कल्याण की भावना को मजबूत करने का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा की जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों को याद करने का अवसर भी है। उन्होंने जरूरतमंदों की सेवा करने और बाबा के बताए मार्ग पर चलने की अपील की। दूसरे चरण में मंदिर को मिलेगा और भव्य स्वरूप समारोह के अध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने अतिथियों का माला और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और समाज के लोगों के सहयोग से मंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में कई कार्य प्रगति पर हैं। आने वाले समय में मंदिर परिसर को और भव्य स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर को केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कार और सामाजिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। दो दिवसीय मेले में भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर जयंती के अवसर पर बलहाडीह मंदिर के समीप दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। रात में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भक्ति गीतों की प्रस्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस दौरान सहरसा, सुपौल, मधेपुरा और पटना से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष धीरेन्द्र यादव, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रदेव मुखिया, जिला व्यापार संघ अध्यक्ष अर्जुन चौधरी, जदयू नेता देवेंद्र कुमार देव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह, अमर यादव, हरिनारायण यादव, दिनेश पासवान, बिहार प्रदेश कानू हलवाई अध्यक्ष एवं पर्यटन मंत्री के प्रतिनिधि जितेंद्र गुप्ता, राष्ट्रीय सदस्य रामानंद गुप्ता, युवा अध्यक्ष अजीत कुमार अजय, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष शशि सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज के लोग मौजूद रहे।  

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