मधुबनी के जयनगर में रिक्शा-तांगा यूनियन से जुड़े तांगा चालकों की एक बैठक शुक्रवार को हुई। यह बैठक रेलवे स्टेशन परिसर के तांगा स्टैंड पर चालक मो. साविर की अध्यक्षता में हुई। इसमें चालकों ने भारत-नेपाल सीमा पर जांच में लगने वाले ज्यादा समय से अपनी रोजी-रोटी पर पड़ रहे असर की शिकायत की। चालकों ने बताया कि उनकी कमाई का मुख्य जरिया यात्रियों को जयनगर से मारड (नेपाल) होते हुए बेतौन्हा बॉर्डर तक लाना-ले जाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉर्डर पर एसएसबी जवान भारत-नेपाल आने-जाने वाले लोगों की लिस्ट बनाने और जांच के नाम पर यात्रियों और तांगा चालकों को घंटों रोक देते हैं। जांच और यात्रियों की लिस्ट बनाना जरूरी चालकों ने यह भी कहा कि कई बार आम लोगों और उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता है। चालकों के मुताबिक, जांच में ज्यादा समय लगने की वजह से यात्री अब तांगा से सफर करने से बच रहे हैं। कई लोग दूसरे रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे तांगा चालकों की कमाई लगातार घट रही है और उनके सामने पैसों की दिक्कत आ गई है। रिक्शा-तांगा यूनियन जयनगर ऐक्टू के अनुमंडल सचिव भूषण सिंह ने बैठक में कहा कि सीमा सुरक्षा के लिए जांच और यात्रियों की लिस्ट बनाना जरूरी है। तांगा चालकों के लिए अच्छी व्यवस्था करने की मांग लेकिन जांच के नाम पर यात्रियों को घंटों रोकना ठीक नहीं है। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है और गरीब तांगा चालकों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। यूनियन ने एसएसबी 14वीं बटालियन के कमांडेंट और जयनगर के अनुमंडल पदाधिकारी से मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया को आसान और तेज किया जाए। भीड़ को देखते हुए लिस्ट बनाने वाले जवानों की संख्या बढ़ाई जाए और तांगा चालकों के लिए अच्छी व्यवस्था की जाए। साथ ही, आम नागरिकों और चालकों के साथ गलत व्यवहार रोकने की भी मांग की गई। बैठक में साविर, शौकत, सुरेंद्र राम, सरफराज, मोहम्मद छोटू, शकील बर्दी, मुस्तुफा, मंजूर मिश्र, यादम, रहमत और श्रीचंद दास समेत कई तांगा चालक मौजूद थे। मधुबनी के जयनगर में रिक्शा-तांगा यूनियन से जुड़े तांगा चालकों की एक बैठक शुक्रवार को हुई। यह बैठक रेलवे स्टेशन परिसर के तांगा स्टैंड पर चालक मो. साविर की अध्यक्षता में हुई। इसमें चालकों ने भारत-नेपाल सीमा पर जांच में लगने वाले ज्यादा समय से अपनी रोजी-रोटी पर पड़ रहे असर की शिकायत की। चालकों ने बताया कि उनकी कमाई का मुख्य जरिया यात्रियों को जयनगर से मारड (नेपाल) होते हुए बेतौन्हा बॉर्डर तक लाना-ले जाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉर्डर पर एसएसबी जवान भारत-नेपाल आने-जाने वाले लोगों की लिस्ट बनाने और जांच के नाम पर यात्रियों और तांगा चालकों को घंटों रोक देते हैं। जांच और यात्रियों की लिस्ट बनाना जरूरी चालकों ने यह भी कहा कि कई बार आम लोगों और उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता है। चालकों के मुताबिक, जांच में ज्यादा समय लगने की वजह से यात्री अब तांगा से सफर करने से बच रहे हैं। कई लोग दूसरे रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे तांगा चालकों की कमाई लगातार घट रही है और उनके सामने पैसों की दिक्कत आ गई है। रिक्शा-तांगा यूनियन जयनगर ऐक्टू के अनुमंडल सचिव भूषण सिंह ने बैठक में कहा कि सीमा सुरक्षा के लिए जांच और यात्रियों की लिस्ट बनाना जरूरी है। तांगा चालकों के लिए अच्छी व्यवस्था करने की मांग लेकिन जांच के नाम पर यात्रियों को घंटों रोकना ठीक नहीं है। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है और गरीब तांगा चालकों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। यूनियन ने एसएसबी 14वीं बटालियन के कमांडेंट और जयनगर के अनुमंडल पदाधिकारी से मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया को आसान और तेज किया जाए। भीड़ को देखते हुए लिस्ट बनाने वाले जवानों की संख्या बढ़ाई जाए और तांगा चालकों के लिए अच्छी व्यवस्था की जाए। साथ ही, आम नागरिकों और चालकों के साथ गलत व्यवहार रोकने की भी मांग की गई। बैठक में साविर, शौकत, सुरेंद्र राम, सरफराज, मोहम्मद छोटू, शकील बर्दी, मुस्तुफा, मंजूर मिश्र, यादम, रहमत और श्रीचंद दास समेत कई तांगा चालक मौजूद थे।

