बक्सर-इटाढ़ी मार्ग पर स्थित 70 स्पेशल रेलवे क्रॉसिंग शुक्रवार को आम लोगों के लिए दोबारा खोल दिया गया। करीब तीन महीने के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद यह फाटक खुला है। रेलवे फाटक खुलने से बक्सर शहर और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली है। फाटक बंद रहने के कारण पिछले कई महीनों से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, व्यवसायियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। दरअसल, बक्सर-इटाढ़ी मार्ग पर बने रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण पर करीब 26.40 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। लगभग 950 मीटर लंबे इस आरओबी का निर्माण 2026 में पूरा हुआ था। इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था और इटाढ़ी रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था लेकिन पुल खुलने के सिर्फ 10 दिन बाद ही आरओबी के एक हिस्से में तकनीकी समस्या आ गई। पुल के पिलर संख्या पांच के पास एक्सपेंशन ज्वाइंट अचानक धंस गया। इसके बाद 5 जून को आरओबी पर गाड़ियों का आना-जाना रोक दिया गया। सुरक्षा कारणों से रेलवे फाटक को भी बंद कर दिया गया था। फाटक बंद होने के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ गई थी। बक्सर शहर से इटाढ़ी जाने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। खासकर सुबह और शाम के समय स्कूली वाहनों और दफ्तर जाने वाले लोगों को दिक्कत होती थी। कई लोगों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ता था, जिससे समय और पेट्रोल दोनों ज्यादा खर्च हो रहे थे। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी लोगों को रास्ते की समस्या का सामना करना पड़ा। 70 स्पेशल रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मिली मंजूरी फाटक दोबारा खोलने के लिए बक्सर के जनप्रतिनिधियों ने रेलवे अधिकारियों, रेलवे बोर्ड और केंद्रीय मंत्रियों तक मामला उठाया। वहीं, अतिपिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरोज राजभर के नेतृत्व में एक आंदोलन भी शुरू किया गया। मोर्चा के सदस्यों ने रेलवे फाटक के पास एक महीने से ज्यादा समय तक धरना-प्रदर्शन किया और लोगों की परेशानी को सामने रखा। आंदोलन के दौरान दो बार रेल चक्का जाम भी किया गया। आंदोलनकारियों ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि आरओबी की मरम्मत में समय लग रहा है, लेकिन इस दौरान रेलवे फाटक को बंद रखने से हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। लगातार बढ़ते दबाव और जनप्रतिनिधियों एवं आंदोलनकारियों के प्रयास के बाद रेलवे बोर्ड से अस्थायी रूप से 70 स्पेशल रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मंजूरी मिली। मशीनरी और फाटक की पूजा-पाठ हुई मंजूरी मिलने के बाद रेलवे की ओर से सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए करीब एक सप्ताह से अधिक समय तक फाटक और उससे जुड़ी मशीनरी व अन्य व्यवस्थाओं पर काम किया गया। दोबारा नए सिरे रेलवे फाटक के सभी सिस्टम को स्थापित किया गया। शुक्रवार को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद रेलवे फाटक को आम लोगों और सभी प्रकार के आवागमन के लिए खोल दिया गया। फाटक खोलने से पहले मशीनरी और फाटक की पूजा-पाठ की गई। इसके बाद फाटक को फूल-मालाओं से सजाया गया और प्रसाद का वितरण किया गया। लंबे समय बाद फाटक खुलने के मौके पर स्थानीय लोगों में भी खुशी देखने को मिली। लोगों की नजर अब आरओबी की मरम्मत पर रेलवे बोर्ड की मंजूरी के अनुसार यह क्रॉसिंग आरओबी की मरम्मत पूरी होने तक अथवा अधिकतम छह महीने तक, जो भी पहले हो, खुला रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि क्रॉसिंग के संचालन के दौरान रेलवे के निर्धारित सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जाएगा। आरओबी की सड़क सतह की मरम्मत पूरी होने के बाद 70 स्पेशल समपार फाटक को दोबारा बंद कर दिया जाएगा। फाटक खुलने के बाद अब बक्सर और इटाढ़ी के बीच आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि लोगों की नजर अब आरओबी की मरम्मत पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाटक को अस्थायी रूप से खोलने से तत्काल राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान आरओबी की मरम्मत जल्द पूरी होने से ही होगा। बक्सर-इटाढ़ी मार्ग पर स्थित 70 स्पेशल रेलवे क्रॉसिंग शुक्रवार को आम लोगों के लिए दोबारा खोल दिया गया। करीब तीन महीने के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद यह फाटक खुला है। रेलवे फाटक खुलने से बक्सर शहर और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली है। फाटक बंद रहने के कारण पिछले कई महीनों से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, व्यवसायियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। दरअसल, बक्सर-इटाढ़ी मार्ग पर बने रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण पर करीब 26.40 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। लगभग 950 मीटर लंबे इस आरओबी का निर्माण 2026 में पूरा हुआ था। इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था और इटाढ़ी रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था लेकिन पुल खुलने के सिर्फ 10 दिन बाद ही आरओबी के एक हिस्से में तकनीकी समस्या आ गई। पुल के पिलर संख्या पांच के पास एक्सपेंशन ज्वाइंट अचानक धंस गया। इसके बाद 5 जून को आरओबी पर गाड़ियों का आना-जाना रोक दिया गया। सुरक्षा कारणों से रेलवे फाटक को भी बंद कर दिया गया था। फाटक बंद होने के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ गई थी। बक्सर शहर से इटाढ़ी जाने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। खासकर सुबह और शाम के समय स्कूली वाहनों और दफ्तर जाने वाले लोगों को दिक्कत होती थी। कई लोगों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ता था, जिससे समय और पेट्रोल दोनों ज्यादा खर्च हो रहे थे। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी लोगों को रास्ते की समस्या का सामना करना पड़ा। 70 स्पेशल रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मिली मंजूरी फाटक दोबारा खोलने के लिए बक्सर के जनप्रतिनिधियों ने रेलवे अधिकारियों, रेलवे बोर्ड और केंद्रीय मंत्रियों तक मामला उठाया। वहीं, अतिपिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरोज राजभर के नेतृत्व में एक आंदोलन भी शुरू किया गया। मोर्चा के सदस्यों ने रेलवे फाटक के पास एक महीने से ज्यादा समय तक धरना-प्रदर्शन किया और लोगों की परेशानी को सामने रखा। आंदोलन के दौरान दो बार रेल चक्का जाम भी किया गया। आंदोलनकारियों ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि आरओबी की मरम्मत में समय लग रहा है, लेकिन इस दौरान रेलवे फाटक को बंद रखने से हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। लगातार बढ़ते दबाव और जनप्रतिनिधियों एवं आंदोलनकारियों के प्रयास के बाद रेलवे बोर्ड से अस्थायी रूप से 70 स्पेशल रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मंजूरी मिली। मशीनरी और फाटक की पूजा-पाठ हुई मंजूरी मिलने के बाद रेलवे की ओर से सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए करीब एक सप्ताह से अधिक समय तक फाटक और उससे जुड़ी मशीनरी व अन्य व्यवस्थाओं पर काम किया गया। दोबारा नए सिरे रेलवे फाटक के सभी सिस्टम को स्थापित किया गया। शुक्रवार को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद रेलवे फाटक को आम लोगों और सभी प्रकार के आवागमन के लिए खोल दिया गया। फाटक खोलने से पहले मशीनरी और फाटक की पूजा-पाठ की गई। इसके बाद फाटक को फूल-मालाओं से सजाया गया और प्रसाद का वितरण किया गया। लंबे समय बाद फाटक खुलने के मौके पर स्थानीय लोगों में भी खुशी देखने को मिली। लोगों की नजर अब आरओबी की मरम्मत पर रेलवे बोर्ड की मंजूरी के अनुसार यह क्रॉसिंग आरओबी की मरम्मत पूरी होने तक अथवा अधिकतम छह महीने तक, जो भी पहले हो, खुला रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि क्रॉसिंग के संचालन के दौरान रेलवे के निर्धारित सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जाएगा। आरओबी की सड़क सतह की मरम्मत पूरी होने के बाद 70 स्पेशल समपार फाटक को दोबारा बंद कर दिया जाएगा। फाटक खुलने के बाद अब बक्सर और इटाढ़ी के बीच आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि लोगों की नजर अब आरओबी की मरम्मत पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाटक को अस्थायी रूप से खोलने से तत्काल राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान आरओबी की मरम्मत जल्द पूरी होने से ही होगा।

