किसी के छूने से घबराहट और तेज धड़कन? हेल्थलाइन ने बताया हो सकता है Haphephobia का संकेत

किसी के छूने से घबराहट और तेज धड़कन? हेल्थलाइन ने बताया हो सकता है Haphephobia का संकेत

Haphephobia Symptoms: सोचिए कि आप किसी भीड़-भाड़ वाली जगह में हैं, कोई अनजाने में आपसे टकरा जाता है, या फिर आपका कोई दोस्त आपसे हाथ मिलाने या गले मिलने के लिए हाथ आगे बढ़ाता है। आम लोगों के लिए यह एक सामान्य सी बात है, लेकिन क्या ऐसा होने पर आपका दिल बहुत तेजी से धड़कने लगता है? क्या आपको ऐसा लगता है जैसे अचानक सांस फूल रही हो या शरीर में घबराहट की तेज लहर दौड़ गई हो? अगर किसी के भी छूने से आपके मन में अकारण डर, बेचैनी या दहशत पैदा होने लगती है, तो इसे केवल आपकी शर्मीली प्रकृति या झिझक मानकर नजरअंदाज न करें। यह हेफेफोबिया (Haphephobia) नाम की एक मानसिक स्थिति का संकेत हो सकता है। इसे छूए जाने का डर कहा जाता है। आइए समझते हैं कि हेफेफोबिया क्या है, इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं और इससे बाहर कैसे निकला जा सकता है।

क्या होता है Haphephobia (हेफेफोबिया)?

हेल्थलाइन के अनुसार, हेफेफोबिया एक प्रकार का एंजाइटी डिसऑर्डर (Anxiety Disorder) है, जिसे स्पेसिफिक फोबिया की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें व्यक्ति को किसी भी इंसान के शारीरिक स्पर्श (Physical Touch) से असामान्य और अत्यधिक डर लगता है। इस डर का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को सामने वाले से कोई दुश्मनी है। दरअसल, उनका दिमाग किसी भी तरह के स्पर्श को एक ‘खतरे’ की तरह देखने लगता है। यह डर सिर्फ अनजान लोगों तक ही सीमित नहीं रहता, कई बार अपनों, जैसे दोस्तों या परिवार के सदस्यों के छूने पर भी व्यक्ति को वैसी ही घबराहट महसूस होने लगती है।

हेफेफोबिया के मुख्य लक्षण कैसे पहचानें?

जब भी किसी हेफेफोबिया से पीड़ित व्यक्ति को कोई छूता है (या कभी-कभी छूने की सोच मात्र से ही), तो उसके शरीर और मन में कुछ खास बदलाव दिखाई देने लगते हैं;

  • दिल की धड़कन तेज होना।
  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • पसीना आना और कांपना।
  • जी मिचलाना या चक्कर आना।
  • अत्यधिक डर या पैनिक अटैक।
  • लोगों से दूरी बनाना।
  • अकेलापन महसूस होना।

यह डर क्यों पैदा होता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हेफेफोबिया किसी एक वजह से नहीं होता। इसके पीछे कई अलग-अलग मानसिक और सामाजिक कारण हो सकते हैं;

  • Past Trauma (अतीत की कोई बुरी घटना)।
  • पारिवारिक इतिहास (Genetics & Environment)।
  • अत्यधिक सफाई या इंफेक्शन का डर।
  • डिप्रेशन (Depression), ऑटिज्म (Autism Spectrum Disorder) या पीटीएसडी (PTSD) ।

क्या इस डर से छुटकारा पाना संभव है?

हां, हेफेफोबिया कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसका इलाज न हो सके। सही समय पर मदद लेने से व्यक्ति पूरी तरह सामान्य जिंदगी जी सकता है;

  • थेरेपी की मदद लें।
  • रिलैक्स तकनीक अपनाएं।
  • अपनों से बात करें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर छूए जाने का यह डर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, आपकी नौकरी, पढ़ाई या रिश्तों के बीच आने लगे, तो बिना किसी झिझक के किसी मनोवैज्ञानिक (Psychologist) या मनोचिकित्सक (Psychiatrist) से सलाह लें।

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