गिरिडीह (झारखंड), नौ सितंबर झारखंड के गिरिडीह जिले में एक निजी निर्माण कंपनी के कर्मचारी का कथित तौर पर अपहरण कर हत्या कर दी गई, जिसके बाद इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि कर्मचारी ने बढ़ा-चढ़ाकर ईंधन के बिल तैयार करने से इनकार कर दिया था। बिहार के लखीसराय जिले के रहने वाले मंजेश सिंह कंपनी में क्लर्क के रूप में नौकरी शुरू करने के महज 15 दिन बाद लापता हो गए थे।
झारखंड पुलिस ने उनके लापता होने की जांच शुरू की, जो उन्हें मुख्य आरोपी एवं ट्रैक्टर चालक पिंटू यादव तक ले गई। पुलिस ने बताया कि यादव से पूछताछ के बाद उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर लापता मंजेश सिंह का शव बिहार के जमुई जिले के एक जंगल से बरामद किया गया। यह स्थान गिरिडीह से करीब चार किलोमीटर दूर है।
खोरीमहुआ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमरेंद्र कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने कंपनी के दो कर्मचारियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी ट्रैक्टर चालक पिंटू यादव से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मंगलवार को मृतक का शव बरामद किया।’’
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ट्रैक्टरों के डीजल के बिल में हेराफेरी कर अतिरिक्त भुगतान हासिल कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, सिंह ने बिल में हेराफेरी की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण उनके सहकर्मियों और परियोजना प्रबंधक उपेंद्र चौधरी के साथ उनके संबंध खराब हो गए।
इसके बाद सहकर्मियों और परियोजना प्रबंधक ने यादव के साथ मिलकर सिंह की हत्या की साजिश रची। पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार को छह लोगों ने खटपोंक इलाके में मोटरसाइकिल से जा रहे सिंह का कथित तौर पर अपहरण कर लिया। वे उन्हें पास के जंगल में ले गए, जहां मारपीट कर उनकी हत्या कर दी और फिर पत्थर से उनका सिर कुचल दिया।
तिसरी थाने के प्रभारी शंभू नंद ईश्वर ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए हैं। अधिकारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिनमें परियोजना प्रबंधक भी शामिल है।

