अमेरिकी सामान पर कनाडा ने लगाया 50 फीसदी टैरिफ, PM मार्क कार्नी ने दिया US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मुंहतोड़ जवाब

अमेरिकी सामान पर कनाडा ने लगाया 50 फीसदी टैरिफ, PM मार्क कार्नी ने दिया US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मुंहतोड़ जवाब

Trump Canada Tariffs: अमेरिका और कनाडा में एकबार फिर व्यापार युद्ध तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। साथ ही, इस महीने के अंत में कनाडाई सामानों पर 50 फीसदी लागू करने का ऐलान किया। कनाडा ने भी ट्रंप को करारा जवाब दिया है। कनाडा ने भी पलटवार करते हुए करीब 700 से ज्यादा अमेरिकी उत्पादों पर 50 फीसदी तक टैरिफ लागू कर दिया है। यह टैरिफ बीते 8 सितंबर से लागू हो गया है।

कनाडा ने अमेरिकी उत्पादों पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ

कनाडा की ओर से अमेरिका के सैंकड़ों उत्पादों पर 15 से 50 फीसदी तक शुल्क लगाया है। जिनकी कुल कीमत 27.6 अरब कनाडाई डॉलर है। टैरिफ वार की शुरुआत होने के बाद कनाडा के फाइनेंस डिपार्टमेंट की ओर से जारी बयान में यह कहा गया है कि इससे अपने श्रमिकों, उत्पादकों और मैन्युफैक्चरर्स को सुरक्षा मिलेगी।

20 अरब डॉलर के व्यापार पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा: अमेरिका

उधर, व्हाइट हाउस की तरफ से कनाडा पर लगाए गए टैरिफ को लेकर भी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका ने कहा कि आयात प्रतिबंध 29 सितंबर को पूर्वी समयानुसार रात 12:01 बजे से लागू होगा। इस तारीख से पहले आयात किए गए लेकिन उपभोग के लिए मंजूरी न पाने वाले कनाडाई सामान पर पहले से लागू 50 प्रतिशत शुल्क जारी रहेगा।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि ये कदम कनाडा की जवाबी कार्रवाई का मुकाबला करने, अमेरिकी उत्पादन की रक्षा करने और व्हाइट हाउस के अनुसार एक समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बहाल करने के मकसद से उठाए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि इन आयात प्रतिबंधों से कनाडा के साथ करीब “सिंगल-डिजिट बिलियन” डॉलर मूल्य का व्यापार प्रभावित होगा। मौजूदा टैरिफ सूची में किए गए बदलावों से करीब 20 अरब डॉलर के व्यापार पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

क्या है विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ट्रंप ने सबसे पहले 20 जुलाई को जारी घोषणाओं के जरिए टैरिफ एक्ट 1930 की धारा 338 के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाए थे। इसके बाद जब कनाडा ने विवादित उपायों को दूर करने की प्रतिबद्धता जताई। व्हाइट हाउस ने कहा कि कनाडा उन उपायों को हटाने में नाकाम रहा, जिसके बाद यह छूट 22 अगस्त को खत्म हो गई। धारा 338 राष्ट्रपति को 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाया।

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