चंडीगढ़, आठ सितंबर आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ मंगलवार को अलग-अलग मुद्दों पर पंजाब कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राज्य इकाई में जारी अंदरूनी कलह एक बार फिर सामने आ गई। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे बड़े नेता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। इन नेताओं की गैरमौजूदगी का असर कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर भी दिखा।
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी में कोई अंदरूनी कलह नहीं है और सभी को एकजुट होकर मैदान में काम करना चाहिए। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) ने मादक पदार्थ की समस्या और कथित तौर पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर भगवंत मान सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। वडिंग के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान जब कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री मान के सरकारी आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़े तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में वडिंग ने कहा, ‘‘कोई कहता है कि राजा वडिंग कल या परसों चले जाएंगे। लेकिन आपको क्या करना है?
आपको (कार्यकर्ताओं को) हाथों में पार्टी के झंडे लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ खड़ा होना होगा। कोई मतभेद नहीं है। हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है।’’
वडिंग ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘चाहे चन्नी साहब हों या कोई और बड़ा नेता, कोई आपसी कलह नहीं है।
लेकिन मैं आपसे जमीनी स्तर पर एकजुट होने की अपील करना चाहता हूं।

