NATS Technical Glitch: ब्रिटेन में मंगलवार को हवाई यातायात नियंत्रण प्रणाली में अचानक आई तकनीकी गड़बड़ी ने पूरे विमानन तंत्र को हिलाकर रख दिया। इस खराबी के चलते करीब 300 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे देशभर के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को घंटों इंतज़ार करना पड़ा। उड़ानों पर नजर रखने वाली प्रमुख वेबसाइट फ्लाइटरडार24 ने इस बड़े व्यवधान की पुष्टि की है।
इंजीनियरों की टीम युद्धस्तर पर जुटी
ब्रिटेन की राष्ट्रीय हवाई यातायात सेवा (NATS) ने मंगलवार दोपहर आधिकारिक रूप से माना कि सिस्टम में तकनीकी खराबी आई है और उसकी इंजीनियरिंग टीम इसे सुधारने में जुटी हुई है। संस्था के मुताबिक इस गड़बड़ी का सबसे ज़्यादा असर उड़ानों के प्रस्थान (डिपार्चर) पर पड़ा है, जिससे कई फ्लाइट्स समय पर रवाना नहीं हो सकीं।
पटरी पर लौटने में लगेगा वक्त
NATS ने साफ किया है कि हालांकि तकनीकी सुधार का काम जारी है, लेकिन पूरी व्यवस्था को सामान्य होने में अभी और समय लग सकता है। इसका सीधा खामियाजा उन यात्रियों को भुगतना पड़ा जिनकी फ्लाइट्स या तो घंटों लेट हुईं या पूरी तरह रद्द कर दी गईं।
इस डिजिटल गड़बड़ी की जद में ब्रिटिश एयरवेज और बजट कैरियर ईजीजेट जैसी बड़ी विमानन कंपनियां भी आ गईं। फ्लाइटरडार24 की रिपोर्ट के अनुसार, इन एयरलाइंस के यात्रियों को सबसे ज़्यादा असुविधा का सामना करना पड़ा।
घंटों फंसे रहे मुसाफिर, नाराज़गी सोशल मीडिया पर फूटी
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उड़ान रद्द होने की सूचना मिलने से पहले उन्हें घंटों विमान के भीतर रनवे पर ही बैठे रहना पड़ा। यात्रियों ने एयरलाइनों की तरफ से समय पर जानकारी न मिलने पर भी गहरी नाराजगी जताई।
लंदन के स्टैनस्टेड और सिटी एयरपोर्ट के अलावा मैनचेस्टर, बर्मिंघम, गैटविक और स्कॉटलैंड के हवाई अड्डे भी इस व्यवधान से बुरी तरह प्रभावित हुए। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी फ्लाइट की ताजा स्थिति जरूर जांच लें।
पूरे यूरोप में महसूस हुआ असर
बजट एयरलाइन ईजीजेट ने बताया कि उसकी कई उड़ानें संचालित ही नहीं हो सकीं। इस तकनीकी संकट का असर सिर्फ ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे यूरोप की उड़ानों में देरी देखी गई। हीथ्रो एयरपोर्ट की वेबसाइट पर भी यूरोपीय शहरों के लिए जाने वाली कई छोटी दूरी की उड़ानें रद्द या विलंबित दिखाई दीं। फिलहाल इस तकनीकी खराबी की असली वजह सामने नहीं आ पाई है।


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