BRICS Intelligence Sharing: राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाला 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन तकनीक, विकास, व्यापार और अपराध पर केंद्रित होने जा रहा है। शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक भगोड़ों का पता लगाने, उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए वित्तीय एवं जांच संबंधी सूचनाओं के तेज व समयबद्ध आदान-प्रदान करने का ढांचा प्रस्तावित किया जाएगा। सदस्य देशों के बीच सूचनाएं तेजी से पहुंचे इसके लिएएआइ का उपयोग होगा और एक समान प्रारूप में जांच एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने की व्यवस्था होगी। आतंकी सहित अन्य अपराधों में भी इसी कार्यप्रणाली का प्रयोग किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बताया है कि जानकारी साझा करने, मेंटरशिप, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआइ के जरिए भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता में सहयोग को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही क्षमताओं को मज़बूत करते हुए और नए समाधान तैयार करने में मदद कर रही है।
कृषि, बीज और ऊर्जा पर साझेदारी
ब्रिक्स सम्मेलन में कृषि, बीज और ऊर्जा साझेदारी को लेकर भी विशेष बातचीत होने जा रही है। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी जारी की है। इसके साथ ही व्यापार को सरल बनाने के लिए कस्टम और डिजिटल क्षमता पर भी चर्चा होगी।
ब्रिक्स सम्मेलन में साझा बयान जारी करने को लेकर ईरान से बातचीत चल रही है। इसके साथ ही यूएई से बातचीत जारी है। विदेशी मामलों के जानकार लोगों का मानना है कि सहमति बन जाएगी, इसकी भाषा कैसी होगी? यह देखने की बात है। इस गुट में कोई पश्चिमी देश है नहीं है, ऐसे में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
भारत-चीन सैन्य अधिकारियों की हुई मीटिंग
भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों पर विदेश मंत्रालय ने हाल में हुई सैन्य अधिकारियों की बैठक को लेकर जानकारी दी। रणधीर जायसवाल के अनुसार पहली वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग छह सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में और 7 सितंबर को चीन की ओर दमाई में हुई थी। दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौट रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दो दर्जन भारतीय अभी भी रूसी सेना में हैं। इस मामले केा भारत ने रूसी सरकार के सामने उठाया है। उम्मीद है इन्हें जल्द रूसी सेना से मुक्त कर वापस भेजा जाएगा।

